ब्रेक फेल होने के बाद भी 350 KM तक दौड़ाई गई दरभंगा-मुंबई एक्सप्रेस

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    Indian Railways: Darbhanga-Mumbai Express ब्रेक फेल होने के बाद भी 350KM तक दौड़ाई गई|वनइंडिया हिंदी

    नई दिल्ली। लगातार सामने आ रहे रेल हादसों के बाद भी रेल प्रशासन जागने को तैयार नजर नहीं आ रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि खबर है कि दरभंगा से मुंबई जा रही एक्सप्रेस ट्रेन के कई डिब्बों का ब्रेक काम नहीं कर रहा था फिर भी इसकी अनदेखी की गई। जानकारी के मुताबिक ट्रेन को करीब 350 किमी ऐसी ही स्थिति में दौड़ाया गया। इस दौरान ट्रेन में करीब दो हजार यात्री मौजूद थे। गनीमत बस यही रही कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन सवाल यही कि आखिर रेल प्रशासन का रवैया इतना लापरवाह कैसे हो सकता है?

    ब्रेक फेल की थी शिकायत, फिर भी दौड़ाई गई ट्रेन

    पूरा घटनाक्रम उस समय सामने आया जब दरभंगा से मुंबई जाने वाली दरभंगा-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस दरभंगा से रवाना हुई। इस ट्रेन के 21 में से 19 डिब्बों के ब्रेक फेल थे, फिर भी रेल प्रशासन की ओर से इस पर ध्यान नहीं दिया गया। ट्रेन को वाराणसी तक करीब 350 किमी. ऐसी ही हालत में दौड़ाया गया। इस दौरान ट्रेन में दो हजार यात्री थे। चौंकाने वाली बात ये है कि जब ट्रेन गुरुवार को मुंबई से वापस लौट रही थी तो भी इसमें ब्रेक फेल की शिकायत सामने आई।

    सामने आया चौंकाने वाला मामला

    सामने आया चौंकाने वाला मामला

    मुंबई मिरर में छपी खबर के मुताबिक दरभंगा-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस ट्रेन के ब्रेक फेल होने को लेकर रेलवे बोर्ड के सदस्य आरएल गुप्ता ने ईस्ट सेंट्रल रेलवे के मैकेनिकल इंजीनियर को पत्र लिखा था, उन्होंने इसकी जानकारी दी थी। हालांकि संबंधित अधिकारी ने इस खबर की जानकारी होने से इंकार किया है। रेलवे के दो सीपीआरओ ने इस तरह की घटना से इंकार किया है।

     रेलवे बोर्ड के सदस्य ने पत्र लिखकर दी थी जानकारी

    रेलवे बोर्ड के सदस्य ने पत्र लिखकर दी थी जानकारी

    जानकारी के मुताबिक रेलवे बोर्ड के सदस्य आरएल गुप्ता ने 13 सितंबर को हाजीपुर के ईस्ट सेंट्रल रेलवे के चीफ मैकेनिकल इंजीनियर को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने बताया कि मुंबई जाने वाली दरभंगा-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस के 21 में से 19 कोच के ब्रेक्स में पावर नहीं थी। पत्र में लिखा गया था कि ये गंभीर मामला था, जो बड़े हादसे की वजह बन सकता है।

    नॉर्दर्न सेंट्रल रेलवे के चीफ पीआरओ ने किया इंकार

    नॉर्दर्न सेंट्रल रेलवे के चीफ पीआरओ ने किया इंकार

    हालांकि पूरे मामले नॉर्दर्न सेंट्रल रेलवे के चीफ पीआरओ राजेश कुमार ने बिल्कुल ही कहानी बताई है। उन्होंने कहा कि हमें रेलवे बोर्ड के किसी पत्र की जानकारी नहीं मिली। उन्होंने आगे कहा कि हमें जो जानकारी मिली है उसमें 11062 दरभंगा-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस, जो दरभंगा से रवाना हुई, उसके रास्ते में ब्रेक खराब होने की जानकारी मिली।

    ब्रेक फेल की शिकायत रास्ते में मिली होगी: PRO

    ब्रेक फेल की शिकायत रास्ते में मिली होगी: PRO

    जिसके बाद इसकी जांच सोनपुर स्टेशन के टेक्निकल एक्सपर्ट ने किया, इसमें सब ठीक मिला। छपरा से पहले ट्रेन में फिर से ब्रेक की पॉवर कम होने की शिकायत पर इसकी जांच की गई। उन्होंने बताया कि ब्रेक की समस्या ज्यादा बड़ी नहीं थी और टेक्नीकल एक्सपर्ट्स ने इसे ठीक कर दिया। वाराणसी में इसकी जांच फिर से की गई।

    मामले की जांच के दिए गए आदेश

    मामले की जांच के दिए गए आदेश

    नॉर्दर्न सेंट्रल रेलवे के चीफ पीआरओ ने बताया कि ट्रेन में खास इंजन लगाया गया था, जो आधुनिकतम तकनीक वाला था। यात्रियों की जान से किसी तरह का खिलवाड़ नहीं किया गया था। फिलहाल रेलवे बोर्ड के निर्देशानुसार मामले की जांच की जा रही है। हालांकि ये स्थिति दरभंगा से मुंबई जा रही ट्रेन में नजर आया। चौंकाने वाली बात है कि गुरुवार को फिर जब ट्रेन मुंबई से रवाना हुई तो इसमें ब्रेक्स की समस्या सामने आई।

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