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बिहार: रोजा तोड़ मुस्लिम युवक ने SSB जवान की 2 दिन की बच्ची को दिया खून

दरभंगा: बिहार के एक युवक ने साबित कर दिया है कि धर्म से बढ़कर भी कोई चीज है और वो है इंसानियत। दरभंगा के इस मुस्लिम युवक ने अपना रोज़ा तोड़ते हुए दो दिन की बच्ची को खून देने का काम किया। अशफाक रमजान के महीने में रोजा रखते है।

Darbhanga: Mohammad Ashfaq broke his roza to donate blood for a 2-day old child

जब अशफाक को ये पता चला कि एक SSB के जवान की दो दिन की मासूम बच्ची को खून की जरूरत है, उन्होंने अपने धर्म की जगह इंसानियत को चुनते हुए बच्ची के लिए रक्तदान किया।

अशफाक ने क्या कहा

अशफाक ने क्या कहा

अशफाक ने बताया, ' मैंने सोचा कि किसी की जिंदगी बचाना बहुत ही नेक काम है। जब मुझे मालूम हुआ कि वो मासूम एक SSB जवान की बेटी है, इस बात ने मुझे और भी प्रेरित किया।

रोजा तोड़कर दिया बच्ची को दिया खून

रोजा तोड़कर दिया बच्ची को दिया खून

कुछ दिनों पहले भी देहरादून में एक ऐसा ही मामला सामने आया था जहां एक मुस्लिम शख्स ने हिंदू युवक की जान बचाने के लिए रमजान के पाक महीने में रोजा तोड़ दिया था। दरअसल 20 साल के अजय बिजल्वाण को लिवर में इंफेक्शन थी। इंफेक्शन की वजह से उसके खून में प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से कम होती जा रही थी। उसे खून की जरूरत थी। आरिफ ने उन्हें बताया कि उसका रोजा चल रहा है और वो कुछ खा पी नहीं सकता, लेकिन डॉक्टरों ने उसके सामने शर्त रख दी कि वो बिना कुछ खाए खून नहीं दे सकते है।

मुस्‍लिम संप्रदाय के लोग रखते हैं रोजा

मुस्‍लिम संप्रदाय के लोग रखते हैं रोजा

बता दें कि रमजान के महीने में मुस्‍लिम संप्रदाय के लोग रोजा रखते हैं। ये एक तरह से र्निजल व्रत होता है जिसमे पूरा दिन भूखा-प्यासा रहना पड़ता है। रोजे का वक्त सूरज निकलने के बाद तब तक चलता है जब तक सूरज छिप नहीं जाता है।

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