अमृतसर में 'मौत के ट्रैक' पर 'रावण' बना मसीहा, अपनी जान देकर बचाई कई जिंदगियां
उसी रामलीला के अंदर रावण का किरदार निभाने वाले दलवीर सिंह की भी हादसे में ट्रेन से कटकर मौत हो गई लेकिन दलवीर ने मरने से पहले मौके पर मौजूद कई लोगों की जान बचा ली थी।
नई दिल्ली। पंजाब के अमृतसर में रावण दहन के वक्त हुए दिल दहला देने वाले ट्रेन हादसे के लिए अभी तक भी किसी की जवाबदेही तय नहीं हो पाई है। रेलवे ने जहां इस मामले से पल्ला झाड़ लिया है, तो वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हादसे की मजिस्ट्रेट जांच बिठा दी है, जो चार हफ्तों में अपनी रिपोर्ट देगी। इस हादसे में अब एक बड़ा खुलासा हुआ है। दरअसल, उसी रामलीला के अंदर रावण का किरदार निभाने वाले दलवीर सिंह की भी हादसे में ट्रेन से कटकर मौत हो गई लेकिन दलवीर ने मरने से पहले मौके पर मौजूद कई लोगों की जान बचा ली थी।

अपनी जान की फिक्र ना कर बचाई औरों की जान
जानकारी के मुताबिक, दलवीर सिंह लंबे समय से अमृतसर के चौड़ा बाजार में होने वाली रामलीला के अंदर रावण का किरदार निभाते आ रहे थे। दशहरे वाले दिन भी वो रामलीला में मंचन कर रहे थे और रावण वध होने के बाद घर जाने के लिए निकले। दलवीर पटरी के सहारे घर की ओर लौट ही रहे थे कि उन्होंने जालंधर की तरफ से आ रही तेज रफ्तार ट्रेन की आवाज सुनी। इसके बाद दलवीर शोर मचाते हुए रेलवे ट्रैक की तरफ दौड़े और लोगों को ट्रैक के पास से हटाने लगे। दलवीर की आवाज सुनकर कुछ लोग ट्रैक से हट गए लेकिन तभी ट्रेन आ गई और उसकी चपेट में आने से दलबीर की मौके पर ही मौत हो गई।

परिवार में विधवा मां, पत्नी और मासूम मेटा
अपने बेटे की मौत की खबर सुनकर दलबीर की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। हालांकि अपने बेटे की बहादुरी पर उन्हें गर्व भी है। परिवार में दलबीर की विधवा मां, पत्नी और एक आठ महीने का बेटा है। दलबीर की मां ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनके बेटे के जाने के बाद उनके परिवार का सहारा छिन गया है। उन्होंने सरकार से दलबीर की विधवा पत्नी के लिए एक नौकरी की मांग की, ताकि वो अपनी बच्चे को पाल सके। वहीं, दलबीर की पत्नी का कहना है कि उनके पति की मौत के लिए रेलवे और प्रशासन दोनों ही दोषी हैं।

हादसे में अभी तक 61 की मौत, कई घायल
आपको बता दें कि शुक्रवार को दशहरे के दिन अमृतसर के चौड़ा बाजार में रावण दहन के दौरान हुए ट्रेन हादसे में अभी तक 61 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे में कई लोग घायल भी बताए जा रहे हैं। यह हादसा उस वक्त हुआ जब बड़ी संख्या में लोग रेलवे ट्रैक और उसके आस-पास खड़े होकर रावण दहन देख रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रेन उस ट्रैक से गुजरी और काफी लोग ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसे के बाद मौके पर भगदड़ मच गई और लाश के चीथड़ों के बीच लोग अपनों की तलाश करने लगे।

हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश
वहीं, इस मामले को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मृतकों के परिजनों के लिए 5 लाख रुपए की सहायता राशि और हादसे में मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिेए हैं। इससे पहले अमरिंदर सिंह घायलों का हाल जानने के लिए अमृतसर पहुंचे। घायलों से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं और चार हफ्ते में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि ये बहुत बड़ा हादसा है, मैं इससे बेहद आहत हूं। हालांकि ये आरोप-प्रत्यारोप का समय नहीं है। सभी को मिलकर पीड़ित परिवारों के साथ खड़े होने की जरूरत है।












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