Cyclone Senyar: इन राज्यों पर मंडराया चक्रवात 'सेन-यार' का खतरा, भयंकर आंधी-तूफान की आशंका, अलर्ट जारी
Cyclone Senyar: तमिलनाडु और केरल के तटीय इलाकों में बीते 3-4 दिनों से भारी बारिश हो रही है तो वहीं आने वाले 24 घंटों में यहां और परेशानियां खड़ी हो सकती है क्योंकि बंगाल की खाड़ी के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बन रहा है जो कि शक्तिशाली चक्रवात सेन-यार में तब्दील हो सकता है, जिसकी वजह से अंडमान और निकोबार, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्रा में भारी बारिश की आशंका है और अलर्ट जारी किया गया है।

IMD का अनुमान है कि लो-प्रेशर एरिया 24 नवंबर तक डिप्रेशन में बदल सकता है। बंगाल की खाड़ी में यह सिस्टम समुद्र तल से 5.8 km ऊपर तक फैला हुआ है। इस चक्रवात का नाम संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने सुझाया है। जिसका अरबी भाषा में मतलब 'शेर' से है।
अंडमान-निकोबार में भारी बारिश की आशंका (Cyclone Senyar)
इसका लैंडफॉल 27-30 नवंबर के बीच होगा लेकिन तब तक ये साउथ के राज्यों में काफी तबाही मचा सकता है।इसके चलते अंडमान-निकोबार में भारी बारिश की आशंका है और इस दौरान 40-50 किमी/घंटा तक तेज हवाएं चलेंगी और समुद्र में ऊंची लहरें उठेंगी।
मछुआरों-नाविकों को समुद्र में न जाने की सलाह
सुरक्षा के मद्देनजर मछुआरों और नाविकों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। अंडमान-निकोबार में बंदरगाहों पर अलर्ट जारी है। जहाज संचालन, फेरी सेवा, एवं समुद्री गतिविधियां अस्थायी तौर पर रोकी गई हैं तो वहीं स्थानीय प्रशासन ने आम नागरिकों, नाव मालिकों, और पर्यटकों को समुद्र के पास जाने से रोका है।
इन राज्यों में भी होगा मौसम खराब (Cyclone Senyar)
इसका असर तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तटीय कर्नाटक पर पड़ेगा जिसके लिए मौसम विभाग ने निम्नलिखित निर्देश जारी किए हैं
अंडमान और निकोबार द्वीप: सबसे पहले भारी बारिश और समुद्री आंधी का सामना करना पड़ेगा इसी वजह से यहां पर Orange Alert जारी किया गया है।
तमिलनाडु: यहां 23-26 नवंबर तक भारी बारिश, आंधी और तटीय इलाकों में खतरा है इसलिए IMD ने 'Yellow Alert' जारी किया है।
आंध्र प्रदेश- तेलंगाना:गुन्टर, कर्नूल, बपटल, नंद्याल, वाइएसआर ज़िला, चित्तूर, तिरुपति आदि में 23-25 नवंबर के बीच बिजली के साथ तूफानी बारिश की संभावना है, यहा भी Orange Alert जारी है।

साइक्लोन क्या है?
जब समुद्र की सतह का तापमान बढ़ने के कारण हवा ऊपर उठती है और निम्न दबाव बनता है। यही दबाव कुछ घंटों में भयंकर चक्रवात का रूप ले लेता है। सेन-यार भी इसी प्रक्रिया का परिणाम है,लांकि सरकार ने तैयारियाँ तेज कर दी हैं, लेकिन लोगों का सतर्क रहना बेहद जरूरी है। समय रहते सावधानी बरतकर बड़े नुकसान से बचा जा सकता है।












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