Cyclone Amphan Update : कुछ घंटों में खतरनाक हो सकता है 'चक्रवाती तूफान', ओडिशा-बंगाल में रेड अलर्ट
नई दिल्ली। भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बंगाल की खाड़ी में उठ रहे तूफान अम्फान (Amphan) कई राज्यों के लिए खतरा बन सकता है, IMD ने कहा है कि इस समय देश में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव है, इसके कारण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तरी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी मौसम बिगड़ सकता है।

ओडिशा और बंगाल में रेड अलर्ट जारी
बंगाल की दक्षिण-पूर्वी खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान 'अम्फान' अगले 12 घंटे में खतरनाक रूप ले सकता है,IMD ने कहा है कि दक्षिण पूर्वी बंगाल की खाड़ी में अगले 12 घंटे में चक्रवाती तूफान 'अम्फान' में तेजी से वृद्धि होगी इसलिए ओडिशा और बंगाल में रेड अलर्ट जारी।
ओडिशा में एनडीआरएफ की 10 टीमें तैनात
ओडिशा के बालासोर, भद्रक, केंद्रपाड़ा, पुरी, जगतसिंहपुर, जाजपुर और मयूरभंज जिलों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की 10 टीमें तैनात की गई हैं, 7 टीमें कटक में 3 एनडीआरएफ बीएन मुंडाली में हैं।
20 मई को तूफान और होगा भयानक
मौसम विभाग भुवनेश्वर ने बताया कि 20 मई की दोपहर से शाम के बीच 'अम्फान' चक्रवात के पश्चिम बंगाल के सागर द्वीप और बांग्लादेश के हातिया द्वीप के बीच में चक्रवात भयानक रूप ले लेगा। चक्रवात के कारण ओडिशा में भारी वर्षा होगी और तेज आंधी चलेगी।
ओडिशा सरकार अलर्ट
यही नहीं ओडिशा सरकार ने मछुआरों को बंगाल की खाड़ी के दक्षिण और समुद्र के दक्षिण में ना जाने की सलाह दी है और जो मछुआरे समुंद्र के इन इलाकों में गए हैं, उन्हें भी तत्काल वापस बुलाने की बात कही गई है।
सीएम ने कहा- नहीं होने देंगे जनहानि
बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात के कारण उठने वाले तूफान के लिए ओडिशा तैयार है। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने तूफान से राज्य में एक भी व्यक्ति की मौत नहीं होने देने को सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया।

क्यों आते हैं 'चक्रवात'?
पृथ्वी के वायुमंडल में हवा होती है, समुद्र के ऊपर भी जमीन की तरह ही हवा होती है, हवा हमेशा उच्च दाब से निम्न दाब वाले क्षेत्र की तरफ बहती है, जब हवा गर्म हो जाती है तो हल्की हो जाती है और ऊपर उठने लगती है, जब समुद्र का पानी गर्म होता है तो इसके ऊपर मौजूद हवा भी गर्म हो जाती है और ऊपर उठने लगती है, इस जगह पर निम्न दाब का क्षेत्र बनने लग जाता है, आस पास मौजूद ठंडी हवा इस निम्न दाब वाले क्षेत्र को भरने के लिए इस तरफ बढ़ने लगती है. लेकिन पृथ्वी अपनी धुरी पर लट्टू की तरह घूमती रहती है, इस वजह से यह हवा सीधी दिशा में ना आकर घूमने लगती है और चक्कर लगाती हुई उस जगह की ओर आगे बढ़ती है, इसे 'चक्रवात' कहते हैं।












Click it and Unblock the Notifications