तमिलनाडु में 1 हजार करोड़ का साइबर फ्रॉड, पश्चिम बंगाल में ईडी की छापेमारी जारी
तमिलनाडु में 1,000 करोड़ से अधिक के साइबर फ्रॉड के मामले की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय ने पश्चिम बंगाल के कई ठिकानों पर गुरुवार को छापेमारी शुरू की। ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कोलकाता के पार्क स्ट्रीट, साल्ट लेक और बागुईआटी सहित राज्य के कुल आठ स्थानों पर छापे मारे जा रहे हैं।
कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी
ईडी की टीमों ने कोलकाता में पांच स्थानों और जिलों के तीन अन्य ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। साल्ट लेक क्षेत्र में छापेमारी के दौरान एक व्यक्ति को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। ईडी अधिकारी ने बताया कि हमारी टीमें बागुईआटी के एक उच्च श्रेणी के आवासीय परिसर में स्थित एक फ्लैट पर भी तलाशी अभियान चला रही हैं।

पूर्वी भारत के लोग मामले में संदिग्ध
प्रवर्तन निदेशालय की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि पूर्वी भारत के कई लोग तमिलनाडु में हुए इस बड़े साइबर अपराध में शामिल हो सकते हैं।
ईडी का लक्ष्य
ईडी इन छापेमारियों के जरिए मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल सबूत और संदिग्ध लेनदेन की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहा है।
साइबर अपराध की बढ़ती चुनौती
तमिलनाडु में 1,000 करोड़ रुपए से अधिक के इस साइबर फ्रॉड ने न केवल राज्य पुलिस बल्कि केंद्रीय एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया है। यह मामला डिजिटल धोखाधड़ी की बढ़ती चुनौती और अपराधियों के जटिल नेटवर्क को उजागर करता है।
इस छापेमारी अभियान के और विस्तृत विवरण सामने आने की उम्मीद है। ईडी अधिकारी संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ कर रहे हैं और अन्य ठिकानों पर जांच जारी है।












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