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सीवीसी ने जांच रिपोर्ट में बढ़ाई आलोक वर्मा की मुश्किल, 5 मामलों में मौजूद हैं सबूत

नई दिल्ली। सीबीआई के पूर्व डायरेक्टर आलोक वर्मा को जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस नेता मलिकार्जुन खड़गे और जस्टिस एके सीकरी की सदस्‍यता वाली सलेक्‍शन पैनल ने उनके पद से हटा दिया उसके बाद सीवीसी ने अपनी जांच रिपोर्ट में आलोक वर्मा के खिलाफ आपराधिक जांच की सिफारिश की है। सीवीसी ने आलोक वर्मा के आचरण को मोईन कुरैशी मामले में संदिग्ध बताया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सीवीसी के चीफ केवी चौधरी और दो अन्य सीवीसी अधिकारी शरद कुमार और टीएम भसीन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आलोक वर्मा ने सीबीआई के भीतर दो ऐसे अधिकारियों को जानबूझकर शामिल किया जिनके खिलाफ नकारात्मक रिपोर्ट थी।

वर्मा के खिलाफ 10 मामले

वर्मा के खिलाफ 10 मामले

सीवीसी कमिश्नर शरद कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सेलेक्शन कमेटी को बुधवार को वर्मा के खिलाफ की गई जांच की रिपोर्ट के बारे में जानकारी दी। सीवीसी की जांच रिपोर्ट तकरीबन 60 पन्नों की है, जिसमे 200 अतिरिक्त पेज में इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रिपोर्ट में आलोक वर्मा के खिलाफ 10 मामले हैं, जिनमे से पांच मामलों में आलोक वर्मा के खिलाफ सबूत हैं। दो मामलों में आगे की जांच की जरूरत है जबकि तीन मामलों में पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं।

राकेश अस्थाना ने की थी शिकायत

राकेश अस्थाना ने की थी शिकायत

आलोक वर्मा के खिलाफ सीवीसी ने यह जांच सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना की शिकायत पर की गई है। सिन्हा ने ही सीवीसी से वर्मा की शिकायत करते हुए उन्हें उनके पद से हटाने की मांग की थी। आलोक वर्मा को पहले सीवीसी की जांच में सहयोग नहीं करने की वजह से 23 अक्टूबर को सीबीआई चीफ के पद से हटा दिया गया था। लेकिन वर्मा ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जहां सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें राहत देते हुए उन्हें एक बार फिर से उनके पद पर बहाल कर दिया था।

आलोक वर्मा ने आरोपों को खारिज किया

आलोक वर्मा ने आरोपों को खारिज किया

उधर सीबीआई चीफ के पद से हटाए जाने के बाद अपनी चुप्पी तोड़ते हुए आलोक वर्मा ने कहा कि जब सीबीआई की गरिमा को बर्बाद करने किया जा रहा था तो मैंने उसे बरकरार रखने की कोशिश की थी। सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर का नाम लिए बिना आलोक वर्मा ने कहा कि यह निराशाजनक है कि सिर्फ एक व्यक्ति द्वारा मुझपर लगाए गए निराधार आरोपों की वजह से मेरा तबादला किया गया है।
दर्ज करने की बात कही है।

इसे भी पढ़ें- सीबीआई डायरेक्टर के पद से हटाए जाने के बाद आलोक वर्मा ने तोड़ी चुप्पी, दिया बड़ा बयान

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