बायोलॉजिकल मेल- फीमेल संबंध हमारे रिवाज, समलैंगिक विवाह से होगा पूर्ण विनाश : सुशील मोदी
बीजेपी सांसद सुशील मोदी ने समलैंगिक विवाह पर सदन में अपनी राय रखते हुए कहा कि भारत में लेफ्ट लिबरल लोग ही ये चाह रहे हैं कि विदेशों जैसी मैरिज को मान्यता प्रदान की जाए।

Sushil Modi on Samlaingik Marriage: बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री भारत में समलैंगिग विवाह को कानूनी मंजूरी नहीं देने की मांग की है। सोमवार को उन्होंने कहा कि अगर भारत में इस तरह के सेक्स मैरिज को मान्यता मिलती है तो भारत के सदियों पुराने रीति खत्म हो जाएगी। राज्यसभा में शून्य काल के दौरान सुशील मोदी ने कहा कि भारत देश में समलैंगिक विवाह जैसी चीजों को स्वीकार नहीं किया जाता। अगर यहां ऐसे किसी विवाह को मान्यता मिलती है तो ये पूर्ण विनाश का कारण बन सकता है।
सदन में सोमवार को अपनी बात रखते हुए बीजेपी सांसद सुशील मोदी ने कहा कि अमेरिकी सीनेट ने सेम सेक्स मैरिज के लिए कानून बनाया है। 33 से ज्यादा देशों ऐसे हैं जिन्होंने समलैंगिक विवाह यानी सेक्स मैरिज को मान्यता प्रदान कर दी है। लेकिन जी-7 का सदस्य जापान इकलौता ऐसा देश है जिसने इसे स्वीकार नहीं किया है। एशिया में ताइवान अकेला देश है जिसने समलैंगिक विवाह को मान्यता दी है।
भाजपा सांसद ने 'वामपंथी उदारवादियों' को निशाने पर लिया और कहा कि'सुप्रीम कोर्ट के दो न्यायाधीश इसका फैसला नहीं कर सकते। इस पर सदन में चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विवाह एक सामाजिक मुद्दा है, न्यायपालिका को इसकी वैधता पर फैसला नहीं करना चाहिए। ऐसे मुद्दों पर संसद और समाज में विचार-विमर्श की आवश्यकता होती है।
सांसद सुशील मोदी ने आगे कहा कि भारत के लेफ्ट लिबरल लोग ही इस सेक्स मैरिज को मान्यता दिलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत के अंदर विवाह को पवित्र माना गया है। यहां विवाह का मतलब बायोलॉजिकल मेल और बायोलॉजिकल फीमेल के बीच का संबंध और सदियों पुराने हमारे रीति रिवाजों से है।












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