छत्तीसगढ़: CRPF के बम डिस्पोजल टीम ने समय पर डिफ्यूज किया आईईडी विस्फोटक, बड़ा हादसा टला

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में भारतीय सुरक्षा बलों के लिए कदम-कमद पर खतरा रहता है। शुक्रवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को बम निरोधक दस्ते ने बड़ा हादसा होने से पहले ही उसे खत्म कर दिया। दरअसल, छत्तीसगढ़ में दंतेवाड़ा के कोंडासवाली इलाके में बम निरोधी दस्ते ने एक बड़े आईईडी बम के निष्क्रिय कर के 231 बटालियन के कर्मियों ने जान बचाई।

CRPF detected huge IED planted by Maoists in Kondaswali Chhattisgarh

बता दें, छत्तीसगढ़ का कोंडासवाली इलाके में अक्सर नक्सली गतिविधियां होती रहती हैं। इस इलाके में कई बार सुरक्षा बलों की मुठभेड़ नक्सलियों से हो चुकी है। शुक्रवार को भी नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी बम का समय पर पता लगाकर उसे निष्क्रिय कर दिया गया । अगर नक्सली अपने इरादे पर कामयाब होते तो भारत के लिए यह बहुत बड़ा झटका होता। बता दें, आईईडी एक तरह का नॉन विस्फोटक होता है तो आसानी से मिलने वाली चीजों में बदलाव कर के उसमें विस्फोटक लगाकर तैयार किया जाता है।

बीजापुर में जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में 7 नवंबर को केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई जिसमें सीआरपीएफ का एक जवान शहीद हो गया था और कई नक्सलियों के भी हताहत हुए थे, शहीद जवान की पहचान कांता प्रसाद के रूप में हुई, वो सीआरपीएफ की 151 बटालियन में तैनात थे, यह मुठभेड़ पामेड़ थानाक्षेत्र के झारपल्ली के जंगलों में हुई, इस बात की पुष्टि प्रभारी एसपी गोवर्धन ठाकुर ने की थी। इस हमले से एक दिन पहले ही राज्य के बस्तर जिले के दरभा इलाके में नक्सलियों ने विस्फोट किया था, जिसमें एक ग्रामीण रूप से घायल हो गया था।

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