ओवैसी ने साधा निशान, BJP गुजरात बनाने का श्रेय लेती है, मोरबी पुल हादसे का जिम्मेदार कौन ?

गुजरात चुनाव को लेकर सभी पार्टियां जमकर प्रचार कर रही हैं। बीजेपी, आम आदमी पार्टी समेत कई पार्टियां पूरी ताकत से मैदान में उतरी हैं। इस बीच सोमवार को एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा।

गुजरात चुनाव को लेकर सभी पार्टियां जमकर प्रचार कर रही हैं। बीजेपी, आम आदमी पार्टी समेत कई पार्टियां पूरी ताकत से मैदान में उतरी हैं। इस बीच सोमवार को एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी गुजरात बनाने का श्रेय लेती है, तो उन्हें हमें यह भी बताना चाहिए कि मोरबी पुल बनाने के लिए कौन जिम्मेदार है? जहां 140 लोगों की मौत हो गई। लेकिन फिर भी कंपनी के अमीर लोग नहीं पकड़े जा रहे हैं। पीएम मोदी, आप अमीर लोगों से क्यों प्यार करते हैं?

Recommended Video

    Gujarat Election 2022: Asaduddin Owaisi का BJP, कांग्रेस और AAP पर हमला | वनइंडिया हिंदी *Politics
    असदुद्दीन ओवैसी

    गुजरात में इस बार प्रदेश की चुनावी राजनीति के दो-दो नए खिलाड़ी गंभीरता के साथ मैदान में उतरे हैं। एक तो अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी है और दूसरी है असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम। अनुमान है कि ये दोनों ही दल शहरी चुनाव का समीकरण बदल सकते हैं। गुजरात के 8 नगर निगमों के 44 विधानसभा क्षेत्रों को शहरी सीटों में गिना जाता है। ये नगर निगम हैं- गांधीनगर, अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, जामनगर, राजकोट, भावनगर और जूनागढ़।

    ये शहरी सीट बीजेपी के गढ़ माने जाते हैं। 1995 के चुनावों से ही बीजेपी का इन सीटों पर दबदबा रहा है। इन सीटों पर बेहतर प्रदर्शनों की वजह से भारतीय जनता पार्टी विपक्षी दल या अबतक कांग्रेस पर आसानी से बढ़त बनाती रही है। लेकिन, इस बार आम आदमी पार्टी भी पूरा दम लगा रही है और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम ने भी शहरी सीटों पर सक्रियता दिखाकर समीकरण को बदलने की कोशिश की है।

    2012 के गुजरात विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 44 शहरी सीटों में से 40 सीटों पर कब्जा किया था। 2017 का विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए सबसे मुश्किल चुनाव था। पार्टी 182 सीटों में से सिर्फ 99 ही जीती थी। पाटीदार आंदोलन की वजह से ग्रामीण इलाकों खासकर सौराष्ट्र में पार्टी की स्थिति बहुत ही कठिन हो गई थी। बावजूद इसके शहरी सीटों पर उसका दबदबा लगभग कायम रहा और उसे पिछली बार के मुताबिक सिर्फ एक सीट का नुकसान हुआ और वह 39 सीटों पर जीतने में सफल रही। इस एक सीट का झटका अहमदाबाद में लगा था, जहां 2012 में 16 में से वह 13 सीटें जीती थी।

    यह भी पढ़ें- 'मुसलमान ही कांग्रेस को बचा सकते हैं..', गुजरात में बोला उम्मीदवार, BJP ने कहा- यह तुष्टिकरण

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+