Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

लॉकडाउन के कारण सिर्फ कोरोना ही नहीं बल्कि इन बीमारियों से भी लाखों लोगों की बची जान- स्टडी

नई दिल्ली, मई 31। देश के अंदर कोरोना महामारी की दूसरी लहर में पिछले साल की तरह संपूर्ण लॉकडाउन तो नहीं लगा, लेकिन लगभग सभी राज्यों ने अपने-अपने स्तर पर सख्त पाबंदियां जरूर लागू की हैं। पिछले साल लॉकडाउन जब लगा था तो इसके दुष्प्रभावों को लेकर सरकार की काफी आलोचना हुई थी, लेकिन संक्रमण को रोकने में लॉकडाउन कितना कारगर है, ये बात अब ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने भी मान ली है। इतना ही नहीं ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की हालिया स्टडी में ये सामने आया है कि हाल के दिनों में लगाया गया लॉकडाउन ना सिर्फ कोरोना संक्रमण को रोकने में कामयाब हुआ है, बल्कि कई अन्य बीमारियां भी लॉकडाउन की वजह से कम हुई हैं।

Lockdown

लॉकडाउन के कारण ये बीमारियां भी हुईं कम

जानकारी के मुताबिक, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की हालिया स्टडी में सामने आया है कि हाल के दिनों में कोविड -19 के कारण लगाए गए लॉकडाउन से निमोनिया, मेनिन्जाइटिस और सेप्सिस जैसी जीवाणु संबंधी बीमारियां कम हो सकती हैं। ये बीमारियां दुनियाभर में मौत का कारण बनती हैं। खासकर बच्चों और युवाओं के अंदर ये बीमारी जानलेवा साबित हो जाती है। ये बीमारियां कोरोना की तरह ही नाक और मुंह के जरिए फैलती हैं।

स्टडी में सामने आया है कि जनवरी से मई 2020 के बीच बैक्टीरियल संक्रमण से संबंधित बीमारियां पिछले दो साल के मुकाबले काफी कम आई थी। हर देश में लगभग 6000 मामलों में कमी आई थी। 2016 में श्वसन संक्रमण के 33.6 करोड़ से अधिक मामले सामने आए। माना जाता था कि 24 लाख लोगों की इन्हीं बीमारियों के कारण मौत हो गई थी।

आपको बता दें कि लॉकडाउन के कारण न्यूमोनिया के संक्रमण में 67 प्रतिशत की कमी देखी गई है। आठ सप्ताह में यह गिरावट करीब 82 प्रतिशत रही। हालांकि, स्ट्रेप्टोकोकस अल्गलैक्टिया के कारण संक्रमण कम नहीं हुआ।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+