Coronavirus:दिल्ली दंगा पीड़ितों के लिए राज्य सरकार को HC से खास निर्देश
नई दिल्ली- कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच दिल्ली दंगा पीड़ितों के लिए दिल्ली हाई कोर्ट ने खास चिंता जताई है। अदालत ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है कि हिंसा पीड़ित मुस्तफाबाद के जिस राहत कैंप में रह रहे हैं, वहां सरकार उनके लिए डॉक्टर, दवा और बाकी स्वास्थ्य संबंधी संसाधनों की उपलब्धा सुनिश्चित करे।

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दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार को वैश्विक महामारी कोविड-19 के मद्देनजर दिल्ली के मुस्तफाबाद ईदगाह स्थित राहत कैंप में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, जहां दिल्ली हिंसा के पीड़ित रह रहे हैं। अदालत ने राज्य सरकार से वहां पर डॉक्टरों, जन स्वास्थ्य अधिकारियों और आपात चिकित्सा उपकरणों की सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा है।
बता दें कि पिछले महीने उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक हिंसा की वजह से कई लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ गया था। ऐसे कई लोग अब तक राहत कैंपों में ही दिन गुजार रहे हैं। लेकिन, इसी दौरान कोरोना के कहर ने उन सबकी जिंदगी के लिए एक नई मुसीबत पैदा कर दी है।
बता दें कि राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमित लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिसके चलते दिल्ली के सभी सातों जिलों में लॉकडाउन कर दिया गया है।
यही नहीं आलम ये है कि सोमवार को संसद के दोनों सदनों का सत्र भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। इन्हीं आशंकाओं के मद्देनजर दिल्ली हाई कोर्ट ने भी अपने लिए सोमवार को बड़ा फैसला लिया है और दिल्ली हाई कोर्ट समेत सभी जिला अदालतों को 4 अप्रैल तक के लिए बंद रखने का निर्देश दिया गया है।
इस दौरान के लिए ये व्यवस्था की गई है कि अगर जरूरी मामलों की सुनवाई के लिए पहले हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार से बात करनी होगी और अगर रजिस्ट्रार को लगेगा की सुनवाई तत्काल जरूरी है तो वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई की जाएगी।












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