Covid-19:पॉजिटिव मामलों की दर में कमी के संकेत, मक्खियों से नहीं होता ये संक्रमण-सरकार

नई दिल्ली- कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर सरकार की ओर से पहली बार अच्छे संकेत दिए गए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं कल्याण मंत्रालय और गृहमंत्रालय के अधिकारियों और डॉक्टरों की एक साझा प्रेस कांफ्रेंस में सरकार की ओर से कहा गया है कि हालांकि, कोरोना वायरस के पॉजिटिव मरीजों की संख्या तो बढ़ ही रही है, लेकिन ये कहा जा सकता है कि बढ़ने की रफ्तार में कमी के संकेत मिल रहे हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्रालय ने फिलहाल कम्यूनिटी ट्रांसमिशन को लेकर लगाए जा रहे अंदाजे को भी खारिज कर दिया है और इसको लेकर मीडिया को भी सावधानी से रिपोर्टिंग करने की गुजारिश की है, क्योंकि इससे अनावश्यक दशहत फैलने की आशंका है। इस बीच सरकार ने लोगों से अपील की है कि सामाजिक दूरी का ध्यान तो रखें ही, इसी के साथ अगर जरूरी चीजें लाने के लिए निकलते हैं तो ये भी कोशिश करनी चाहिए कि भीड़ इकट्ठा न हो,इसीलिए अलग-अलग वक्त पर निकलने की कोशिश करें।

कम्युनिटी ट्रांसफर के संकेत स्पष्ट नहीं- स्वास्थ्य मंत्रालय

कम्युनिटी ट्रांसफर के संकेत स्पष्ट नहीं- स्वास्थ्य मंत्रालय

इस वक्त देश में हैदराबाद, भीलवाड़ा और महाराष्ट्र के कुछ मामलों को लेकर कम्युनिटी ट्रांसफर शुरू होने की कुछ खबरें आ रही हैं। लेकिन, स्वास्थ्य मंत्रालयने इनका खंडन किया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने साफ किया है कि अगर हम सभी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और गाइडलाइंस के मुताबिक इलाज हो तो भारत में कभी भी कम्यूनिटी ट्रांसफर नहीं होगा। उनके साथ मौजूद डॉक्टर डॉक्टर रमन गंगा केतकर ने कहा कि इक्का-दुक्का केस से हम इसका अंदाजा नहीं लगा सकते। हो सकता है कि जो लोग ऐसा कह रहे हों, उन्हें अपने कॉन्टैक्ट्स के बारी में सही जानकारी ही न हो। लव अग्रवाल के मुताबिक "पूरे देश में 500-600 केस अगर हमारे पास आज हैं और हम उनकी कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग करते हैं तो एक या दो केस में यदि हमें उनके कॉन्टैक्ट्स नहीं मिलते हैं तो ये नहीं माना जाता की कम्यूनिटी ट्रांसमिशन शुरू हो गया।' जब ये बहुत बड़ी संख्या में होने लगता है और कुछ नहीं पता चलता 20-30 फीसदी या इससे भी ज्यादा को नहीं समझ पा रहे, पूरे देश में फैलने लगता है तो कम्युनिटी ट्रांसमिशन केस मान सकते हैं।

25 लैब से जांच को अनुमति

25 लैब से जांच को अनुमति

सरकार ने ये भी बताया है कि इस समय देश में 25 लैब को कोविड-19 की जांच की अनुमति दी जा चुकी है, जिनके पास देशभर में करीब 20 हजार कलेक्शन सेंटर हैं। हालांकि, अभी उनके साथ दिक्कत ये है कि आवश्यकता के मुताबिक किट उपलब्ध नहीं है और ये लैब्स उसे जुटाने में लगे हुए हैं। कुछ इंटरनेशनल रिपोर्ट में भारत में अप्रैल में पॉजिटिव मामलों की संख्या 2.5 लाख तक पहुंचने की अटकलों को भी ये कहकर खारिज किया गया है कि ये मॉडलिंग पर आंकलन हैं और पूरी तरह से अनुमानों पर आधारित हैं। जबकि सरकार ने जो कदम उठाए हैं और जो गाइडलाइंस जारी किए हैं, लोग सोशल डिस्टेंसिंग को फॉलो करें तो जो नंबर आज हैं, उससे भी बढ़ना मुश्किल है। इसलिए जरूरी है कि विदेशों से लौटे लोग 14 दिनों के क्वारंटाइन का अवश्य पालन करें।

मक्खियों से नहीं होता ये संक्रमण- स्वास्थ्य मंत्रालय

मक्खियों से नहीं होता ये संक्रमण- स्वास्थ्य मंत्रालय

इस दौरान बताया गया है कि देश में इस वक्त विदेशों से एयरपोर्ट के जरिए भारत में दाखिल हुए 64,411 लोग निगरानी में रखे गए हैं, जिनमें से 8,300 को सरकारी निगरानी में क्वारंटाइन किया गया है और बाकी होम क्वारंटाइन हैं। ये आंकड़ा एयरपोर्ट पर ट्रैवल पाबंदियों के पहले तक का है। कुछ लोग दूसरे माध्यमों से भी आए, जिनके होम क्वारंटाइन की संख्या के लिए राज्य सरकारों से संपर्क किया जा रहा है। इस बीच स्वास्थ्य मंत्रालय ने ये भी साफ कर दिया है कि मक्खियों से इस वायरस का संक्रमण नहीं होता।

नागरिकों का सहयोग बहुत ही जरूरी- सरकार

नागरिकों का सहयोग बहुत ही जरूरी- सरकार

इस बीच कैबनेट सचिव ने गुरुवार को सभी राज्यों के मुख्य सचिवों से लॉकडाउन समेत सभी मुद्दों पर विडियो कॉन्फ्रेंसिंग की है। हॉस्पिटल और लॉजिस्टिक व्यवस्था पर भी बात की है। जरूरी सामान लोगों तक पहुंचने में दिक्कत न हो ये भी अनुरोध किया गया है। 17 राज्यों में कोविड-19 के लिए डेडिकेटेड अस्पताल बनाने का काम शुरू हो चुका है। सभी मरीजों को प्रोटोकॉल के हिसाब से इलाज सुनिश्चित करने की व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है। एम्स के साथ इसके लिए सभी डॉक्टरों की ऑनलाइन ट्रेनिंग शुरू की गई है, जिसमें महामारी विज्ञान, इंफेक्शन कंट्रोल प्रैक्टिसेज और केस मैनेजमेंट शामिल। इसके साथ नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ द्वारा विहेवियर मॉड्यूल्स की ट्रेनिंग भी शुरू की जा रही है। आशा, एएनएम और आंगनवाड़ी जैसे फिल्ड वर्कर को उनको भी प्रशिक्षित करने की कोशिश की जा रही है। सरकार ने फिर से हर नागरिक का सहयोग मांगा है। लोगों के घरों तक सामान पहुंचाने के लिए भी हर राज्य सरकारें अपने तरह से इंतजामों में जुटी हुई हैं।

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