Covid-19: सावधान! 25% से 50% संक्रमित लोगों में कोई लक्षण नहीं दिख सकता
नई दिल्ली- कोरोना वायरस को लेकर रोज नए-नए शोध सामने आ रहे हैं। अब ऐसी कुछ जानकारियां सामने आ रही हैं, जिससे पता चलता है कि 25 लेकर 50 फीसदी केस तो ऐसे होते हैं, जिसमें संक्रमण होने के बावजूद किसी तरह का लक्षण ही नजर नहीं आता। इस तरह के शोध नतीजे आने के बाद अमेरिकी विशेषज्ञों का माथा ठनक गया है। सबको मास्क पहनने की जरूरत वाली अपनी पुरानी गाइडलाइंस को उन्हें बदलना पड़ रहा है। अमेरिकी इस समय इस वायरस के चलते बेहाल हो चुका है और अब वह इसे काबू में करने की लिए सारे जतन लगा रहा है। जो लोग अब तक इससे सुरक्षित नजर आ रहे हैं, उन्हें बार-बार आगाह किया जा रहा है। हम भारतीयों के लिए भी यह आवश्यक है कि कोरोना को हल्के में लेने की कोई गलती न करें। क्योंकि, जब अमेरिका के लिए खुद को संभालना मुश्किल हो रहा है तो भारत स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उसके मुकाबले कहीं नहीं टिकता।

सावधान! आधे लोगों में कोई लक्षण नहीं दिखते
कोरोना वायरस पर हुए कुछ ताजा शोध के चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं। एक शोध में पता चला है कि कोविड-19 से संक्रमित 25 फीसदी लोगों में हो सकता है कि इसका कोई लक्षण दिखाई ही न दे या वह खुद को किसी तरह से बीमार महसूस ही ना करें। ये चेतावनी अमेरिका के सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के डायरेक्टर रॉबर्ट रेडफिल्ड की ओर से दी गई है। उन्होंने कहा है कि इस महामारी का अंदाजा लगाने और इसके प्रकोप को नियंत्रित करने की दिशा में यह तथ्य बहुत बड़े झटके की तरह है। टाइम्स ऑफ इंडिया ने एक विदेशी मीडिया के हवाले से ये भी कहा है कि आइसलैंड से मिला एक नया डेटा ये बताता है कि पॉजिटिव पाए गए 50% लोगों में भी किसी तरह का कोई लक्षण नजर नहीं आ रहा था। यही नहीं हॉन्ग कॉन्ग की एक रिसर्च टीम ने अपनी जांच में पाया है कि कोरोना वायरस के जन्मदाता चीन के मरीजों में भी इसके लक्षण दिखाई पड़ने से पहले ही वहां 20 से 40 फीसदी लोग इससे संक्रमित हो चुके थे।

मास्क पहनने में कोताही न करें
कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों में किसी तरह के लक्षण न होने या उसमें बीमार होने का कोई अहसास नहीं हो पाने को लेकर इस तरह के रिसर्च के नतीजे अमेरिकी विशेषज्ञों के कान खड़े कर रहे हैं। अमेरिका इस वक्त दुनिया का सबसे बड़ा कोरोना पीड़ित देश है। शोध पर आधारित इन नतीजों के सामने आने के बाद सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन को मास्क पहनने को लेकर नई गाइडलाइंस जारी करनी पड़ रही है। इस एजेंसी की ओर से पहले बार-बार कहा गया था कि आम नागरिकों को तब तक मास्क पहनने की जरूरत नहीं है, जब तक कि वह अस्वस्थ न महसूस करें। लेकिन, अब रेडफिल्ड ने कहा है कि नए डेटा सामने आने के बाद पुरानी गाइडलाइंस को सख्ती से बदला जा रहा है।
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दुनिया भर में जोरी है कोरोना का कहर
बता दें कि अमेरिका में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या दो लाख को पार कर चुकी है और आज वह इस बीमारी से सबसे ज्यादा प्रभावित देश है। इस बीमारी ने दुनिया भर में करीब पचास हजार लोगों की जान ले ली है और यह सिलसिला कहां जाकर थमेगा कोई बताने की स्थिति में नहीं है। भारत में ही पिछले दो दिनों में ही इसके संक्रमितों की संख्या में बहुत तेजी से इजाफा हुआ है और यह लगभग दो हजार के आंकड़े को छूने वाला है। वहीं गुरुवार दोपहर तक देश में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या 50 तक पहुंच चुकी है। यहां इस बीमारी को रोकने के लिए 21 दिनों का लॉकडाउन किया गया है। इसीलिए सबके लिए जरूरी है कि इस लॉकडाउन का सख्ती से पालन करें और कोराना को हल्के में लेने की भूल कभी ना करें।












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