मथुरा में भगवान कृष्ण के जन्म स्थान से मस्जिद को हटाने की याचिका पर सुनवाई 30 सितंबर को
नई दिल्ली। भगवान राम और भगवान कष्ण के जन्मस्थान को लेकर अलग-अलग याचिकाओं पर 30 सितंबर को यूपी के दो जिला कोर्ट में सुनवाई होगी। पहली याचिका पर सुनवाई लखनऊ में होगी, जहां राम जन्मभूमि पर विवादित ढांचे को गिराए जाने को लेकर मामले की सुनवाई होगी। दूसरी याचिका पर सुनवाई मथुरा की सिविल कोर्ट में होगी। यहां यह याचिकका भगवान कृष्ण के जन्मस्थान की जमीन को वापस लेने के लिए दायर की गई है। आज मामले की सुनवाई के दौरान एडीजे छाया शर्मा ने इसकी सुनवाई की याचिका मंजूर कर ली। इस मामले में पर सुनवाई 30 सितंबर से शुरू होगी।

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बता दें कि शुक्रवार को श्रीकृष्ण विराजमान ने भी मथुरा की कोर्ट में 13.37 एकड़ भूमि को लेकर सिविल मुकदमा दायर किया। इसके साथ ही बगल से शाही ईदगाह मस्जिद हटाने की मांग की गई है। ये मामला श्रीकृष्ण विराजमान, रंजना अग्निहोत्री और छह अन्य भक्तों ने दाखिल किया है। इस मुकदमे में साफ किया गया कि वादी कटरा केशव देव केवट, मौजा मथुरा बाजार के श्रीकृष्ण विराजमान हैं। वकील हरिशंकर जैन और विष्णु शंकर जैन के मुताबिक यह मुकदमा मस्जिद ईदगाह प्रबंधन समिति द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए दायर किया गया है। वहीं दूसरी ओर मुकदमे में एक बड़ी रुकावट प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 है। इस एक्ट के मुताबिक आजादी के वक्त 15 अगस्त 1947 को जो धार्मिक स्थल जिस संप्रदाय का था, भविष्य में भी उसी का रहेगा। इस एक्ट के तहत श्रीरामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद को छूट दी गई थी।
गौरतलब है कि मामले में वकील विष्णु शंकर जैन 1991 के इस एक्ट को सुप्रीम कोर्ट में पहले ही चुनौती दे चुके हैं। उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि ये एक्ट हिंदू देवी-देवाताओं को उस जमीन का हक पाने से रोकता है, जिसके वो हकदार पहले से हैं, लेकिन अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट पहले ही कह चुका है कि वो सभी ऐतिहासिक गलतियों को नहीं सुधार सकता है।












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