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रुढ़िवादी परंपरा के खिलाफ जाकर इस जोड़े ने 21 साल पहले की शादी, वर्जिनिटी टेस्ट से किया इनकार

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Marriage

नई दिल्ली। शादी के बाद होने दुल्हनों के होने वाले वर्जिनिटी टेस्ट के खिलाफ देशभर में मुहीम चल रही है। नए शादी-शुदा जोड़े इस रुढ़िवादी प्रथा के खिलाफ खुलकर बोल रहे हैं। धीरे-धीरे ये प्रथा बंद भी हो रही है लेकिन महाराष्ट्र के आदिवासी समुदाय कंजरभात में ये आज भी प्रचलित है। इस प्रथा के खिलाफ इस समुदाय के एक जोड़े ने 21 साल पहले लड़ाई छेड़ी थी, जिसका फल आज युवाओं को मिल रहा है।

सभी के खिलाफ जाकर की लव-मैरिज

सभी के खिलाफ जाकर की लव-मैरिज

मुंबई के रहने वाले कृष्णा और उनकी पत्नी अरुणा इंद्रेकर ने सालों पहले अपने परिवार और समाज से लड़कर न केवल लव-मैरिज की, बल्कि वर्जिनिटी टेस्ट के भी खिलाफ गए। कृष्णा और अरुणा ने 21 साल पहले लव-मैरिज की थी। तब दोनों ने अपने घरवालों के खिलाफ जाकर कोर्ट मैरिज की थी। कृष्णा ने पंचायत द्वारा स्थापित दुल्हनों के वर्जिनिटी टेस्ट को भी मानने से इनकार कर दिया था।

वर्जिनिटी टेस्ट में फेल होने पर कहते हैं 'खोटा माल'

वर्जिनिटी टेस्ट में फेल होने पर कहते हैं 'खोटा माल'

उनके इस कदम के कारण उन्हें समाज से बहिष्कृत कर दिया गया। उनके परिवार को भी दोनों के फैसले के खिलाफ समाज की नाराजगी का शिकार होना पड़ा। ये सब तब जाकर खत्म हुआ जब उन्होंने देव धर्म कर पंचायत को जुर्माना भरा। कंजरभात समुदाय में लव-मैरिज करने पर काफी कड़ी सजा है। इस समुदाय में शादी करने के बाद परिवार को पंचायत को 'खुशी' यानि कि फीस जमा करनी होती है। इसके बाद कपल को एक लॉज में भेजा जाता है। वहां इंटीमेट होने के बाद अगर दुल्हन को ब्लड नहीं आता तो उसे 'खोटा माल' कह दिया जाता है।

लड़कियों को देनी होती है अग्निपरीक्षा

लड़कियों को देनी होती है अग्निपरीक्षा

इसके अलावा लड़कियों को अग्निपरीक्षा से भी गुजरना पड़ता है। महिलाओं को गर्म कुल्हाड़ी लेकर चलना पड़ता है और अगर इसमें उसके हाथ नहीं जलते हैं, तो ही वो पवित्र मानी जाती है। अगर लड़की इस परीक्षा में फेल हो जाती है तो परिवार को पंचायत को जुर्माना देना होता है। अरुणा ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि उनके समुदाय में लड़कियों को ज्यादा नहीं पढ़ाया जाता है। 14 साल की होते ही उनके लिए एक योग्य वर की तलाश शुरू हो जाती है और 18 साल से पहले ही वो ब्याह दी जाती हैं। परिवार वालों को लगता है कि अगर वो कॉलेज गईं तो किसी से प्यार कर बैठेंगी। ऐसे में वो वर्जिन नहीं रहीं तो समाज उन्हें कभी नहीं कबूलेगा।

इस कुप्रथा के खिलाफ जा रहे युवा

इस कुप्रथा के खिलाफ जा रहे युवा

इस समुदाय के युवा लोग अब इस रुढ़िवादी सोच के खिलाफ जा रहे हैं। उन्होंने सालों पुरानी पंरपरा को मानने से इनकार कर दिया है। इन्हीं युवाओं ने StopVtest नाम से इस प्रथा के खिलाफ आवाज बुलंद की है। इस मुहीम को शुरू करने वाले 25 साल के विवेक तमाइचिकर का कहना है कि इंद्रेकर जैसे लोग युवाओं के लिए रोल मॉडल हैं।

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English summary
Couple Who Went Against Virginity Test And Marriage Customs In Kanjarbhat Community.
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