कपल ने अपने जुड़वा बच्चों का नाम रखा COVID और Corona, बोले- लॉकडाउन की याद दिलाएंगे

नई दिल्ली। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के नाम से ही जहां लोगों में दहशत फैल जाती है वहीं, दूसरी ओर कई माता-पिता अपने नवजात बच्चों का नाम इसी महामारी पर रख रहे हैं। ऐसा एक मामला छत्तीसगढ़ से सामने आया है जहां एक कपल ने लॉकडाउन के बीच जन्में अपने जुड़वा बच्चों का नाम 'कोविड' और 'कोरोना' रखा है। अपने नाम की वजह से नवजात अस्पताल में आकर्षण का केंद्र बन गए।

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    महामारी के नाम से लोगों में दहशत

    महामारी के नाम से लोगों में दहशत

    गौरतलब है कि कोरोना वायरस नाम की महामारी ने पूरी दुनिया को अपने चपेट में ले लिया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक इस महामारी से विश्व में 10 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हैं और 50 हजार से ज्यादा मरीजों की मौत हो चुकी है। भारत में कोरोना वायरस का मामला तेजी से बढ़ रहा है, इसी बीच कई लोगों को यह महामारी अपने नवजात बच्चों का नामकरण करने में भी मदद कर रही है।

    कोरोना की दहशत को कम करने के लिए रखा नाम

    कोरोना की दहशत को कम करने के लिए रखा नाम

    दरअसल, 27 मार्च को छत्तीसगढ़ के अंबेडकर अस्पताल में एक महिला ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया, जिसमें से एक लड़का और दूसरी लड़की है। लोगों के मन में कोरोना वायरस की दहशत को कम करने के लिए कपल में अपने बच्चों का नाम ही कोरोना और कोविड रख दिया है। उनका कहना है कि बच्चों का यह नाम उन्हें जीवनभर लॉकडाउन के दौरान हुई कठिनाईयों की याद दिलाएगा। हालांकि परिवार वालों ने कहा, बाद में बच्चों का नाम बदल भी सकते हैं।

    लॉकडाउन में आई ये मुश्किलें

    लॉकडाउन में आई ये मुश्किलें

    मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाली 27 वर्षीय प्रीति और उनके पति ने कहा, हमें जुड़वां बच्चों का आशीर्वाद मिला है। इस लॉकडाउन के समय को हम यादगार बनाना चाहते थे इसलिए हमनें हमने लड़के का नाम कोविड और लड़की का नाम कोरोना रखा है। प्रीति ने बताया कि 26 मार्च को उन्हें प्रसव पीड़ा हुई जिसके बाद उन्हें एम्बुलेंस से अस्पताल लाया गया। लॉकडाउन के चलते सड़क पर वाहनों की आवाजाही की अनुमति नहीं थी, हमें भी पुलिस ने कई बार रास्ते में रोका।

    डॉक्टर और कर्मचारी बहुत ही सहयोगी

    डॉक्टर और कर्मचारी बहुत ही सहयोगी

    प्रीति के मुताबिक उनकी हालत को देखते हुए आगे जाने दिया गया। प्रीति आगे बताती हैं कि आधी रात अस्पताल में क्या होगा, लेकिन वहां के डॉक्टर और कर्मचारी बहुत ही सहयोगी थे। लॉकडाउन की वजह से मेरे रिश्तेदार भी अस्पताल नहीं पहुंच सके। उन्होंने बताया कि डॉ. बीआर अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल में उन्होंने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। फिल हाल उन्हें और उनके बच्चों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

    अस्पताल में आकर्षण का केंद्र बने बच्चे

    अस्पताल में आकर्षण का केंद्र बने बच्चे

    डॉ. बीआर अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) शुभ्रा सिंह ने बताया कि बच्चे स्वस्थ्य पैदा हुए थे और अब वह घर भेज दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रीति का केस जटिल था इसलिए उनके अस्पताल पहुंचते ही सीजेरियन करने की व्यवस्था की गई। उसके बाद 45 मिनट के भीतर सफलतापूर्वक डिलीवरी हो गई थी। उन्होंने बताया कि, कोविड और कोरोना नाम की वजह से बच्चे अस्पताल में आकर्षण का केंद्र बने हुए थे।

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