इंडिया करप्शन सर्वे 2019: 20 राज्यों के लोगों का फीडबैक- सालभर में 10% कम हुई रिश्वतखोरी
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नई दिल्ली/अहमदाबाद. भारत में 20 राज्यों के 248 जिलों में हुए 'ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल इंडिया' (टीआईआई) के सर्वे से राहत देने वाली खबर मिली है। टीआईआई का यह सर्वे 'इंडिया करप्शन सर्वे 2019' के नाम से जारी किया गया है। टीआईआई एक गैर राजनीतिक, स्वतंत्र और गैर सरकारी भ्रष्टाचार रोधी संस्था है। इसके सर्वे के अनुसार, 51 फीसदी भारतीयों ने बीते सालभर में एक बार रिश्वत जरूर दी। हालांकि, पिछले वर्ष से देश में रिश्वतखोरी की घटनाओं में 10 फीसदी की कमी आई है। टीआईआई का कहना है कि उसकी ओर से 1,90,000 लोगों से बात हुई।

जानिए कौन राज्य कम और ज्यादा भ्रष्ट
जिन राज्यों में भ्रष्टाचार के कम मामले दर्ज हुए, उनमें दिल्ली, हरियाणा, गुजरात, पश्चिम बंगाल, केरल, गोवा और ओडिशा शामिल हैं। इनके अलावा जिन राज्यों भ्रष्टाचार की अधिक घटनाएं सामने आईं, उन राज्यों में राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, झारखंड और पंजाब शामिल हैं।

दुनिया में भारत का 78वां स्थान रहा
टीआईआई द्वारा जारी ‘करप्शन परसेप्शन इंडेक्स 2018' में बताया गया कि भारत की रैंकिंग में पिछले साल की तुलना में 3 स्थानों का सुधार हुआ है। अब हमारा भारत 180 देशों की सूची में 78वें नंबर पर है। भ्रष्टाचार के कुल मामलों के लिहाज से भारत का रिकॉर्ड बहुत ज्यादा निराशाजनक रहा है। रूस और पाकिस्तान भी हमारी तुलना में बेहतर हैं।

16 फीसदी लोग बोले- हमने नहीं दी रिश्वत
सर्वे के अनुसार, देश में रिश्वत देने के लिए नकदी अभी भी बड़ा जरिया बनी हुई है। करीब 35 फीसदी लोगों का मानना था कि अपने काम कराने के लिए उन्हें सालभर में एक बार रिश्वत जरूर देनी पड़ी। जबकि, 16 फीसदी लोगों ने कहा कि वे हमेशा बिना रिश्वत दिये ही अपना काम कराते हैं।












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