आंध्र: नायडू बोले, पिछड़ा वर्ग के लिए निगम बिना फंड के किसी काम का नहीं है
टीडीपी चीफ चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश की मौजूदा जगन सरकार पर ने पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए कुछ नहीं करने का आरोप लगाया है। नायडू ने कहा कि, पर्याप्त धन आवंटित किए बिना ओबीसी जातियों के लिए अलग निगम स्थापित करने से कोई फायदा नहीं होगा।
उन्होंने जोर देकर कहा कि, केवल टीडीपी ही ऐसी पार्टी है, जो वास्तव में बीसी के कल्याण और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। टीडीपी एक फैक्ट्री और एक विश्वविद्यालय है जो पिछड़े वर्गों (बीसी) के बीच नेतृत्व का निर्माण करती है।

गुरुवार को मंगलागिरी में टीडीपी मुख्यालय में 'जयाहो बीसी' कार्यशाला को संबोधित करते हुए नायडू ने कहा कि उनका एकमात्र उद्देश्य बीसी के उत्थान को सुनिश्चित करना है। राज्य के उपर भारी कर्ज पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने अब तक 13 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लिया है, जो सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) से कहीं अधिक है।
नायडू ने कहा कि, आखिरकार हमें ये कर्ज़ चुकाना ही होगा। चूंकि राज्य में बीसी की आबादी 50% है, इसलिए आपको कुल 13 लाख करोड़ रुपये में से 6.5 लाख करोड़ रुपये का कर्ज बोझ उठाना होगा। उन्होंने यह दावा करते हुए कि उन्हें पहचान केवल बीसी समुदायों से मिली है। नायडू ने कहा कि वह अपने जीवन में बीसी को कभी नहीं भूलेंगे क्योंकि जब वह मुसीबत में थे तो समुदाय उनके साथ मजबूती से खड़ा था।
नायडू ने कहा कि, चार रेड्डी को छोड़कर वाईएसआरसी शासन के दौरान रेड्डी समुदाय भी समृद्ध नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि जो लोग आगे बढ़े हैं उनमें ऊर्जा मंत्री पेड्डीरेड्डी रामचंद्र रेड्डी, सरकारी सलाहकार सज्जला रामकृष्ण रेड्डी, सांसद वी विजयसाई रेड्डी और वाईएसआरसी के क्षेत्रीय समन्वयक वाईवी सुब्बा रेड्डी हैं। उन्होंने जगन से पूछा कि उन्होंने बीसी से संबंधित मौजूदा विधायकों को क्यों बदल दिया?












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