Coronavirus: क्यों एक नहीं, एक हफ्ते तक जरूरी है Janta Curfew, नहीं तो इटली, ईरान की तरह हालात होंगे बेकाबू
नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस की वजह से संक्रमित होने वाले लोगों का आंकड़ा 332 पर पहुंच गया है। छह लोगों की मौत हो गई है और 24 लोग पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं। देश में जिस तरह से कोरोना के मामलों मे इजाफा होता जा रहा है, उसमें अब लोग मांग कर रहे हैं कि रविवार के जनता कर्फ्यू को एक हफ्ते तक के लिए बढ़ा दिया जाना चाहिए। यह बात और भी ज्यादा गौर करने वाली है कि शनिवार को कोरोना के मामलों में 70 प्रतिशत से ज्यादा का इजाफा हुआ है। 24 घंटे के अंदर देश में 90 केसेज सामने आए।

देश में तेजी से बढ़ रहे हैं मामले
शुक्रवार को देश में कोरोना के 50 मामले सामने आए थे और शनिवार को जो आंकड़ा आया है, वह अब तक का सर्वोच्च आंकड़ा है। पिछले एक हफ्ते पर अगर नजर डालें तो गुरुवार से ही मामलो में वृद्धि हो रही है। गुरुवार के बाद से ही हर कोई जल्द से जल्द सोशल डिस्टेंसिंग की मांग कर रहा था। पीएम मोदी ने इसी दिन जनता को संबोधित किया और जनता कर्फ्यू का ऐलान किया। कुछ विशेषज्ञों की मानें तो पीएम मोदी ने जिस जनता कर्फ्यू का ऐलान किया है, उससे सेल्फ-आइसोलेशन को बढ़ावा मिलेगा। इसकी वजह से कुछ हद तक कम्युनिटी ट्रांसमिशन पर रोक लग सकेगी।

यूरोप और ईरान में हालात बेकाबू
शनिवार तक देश में 23 लोग ठीक हो चुके थे और चार लोगों की इंफेक्शन की वजह से मौत हो गई थी। इटली और दूसरे यूरोपियन देशों में जिस तरह से कोहराम मचा हुआ है उसके बाद साफ है कि भारत एक नाजुक दौर में पहुंच चुका है। इटली, स्पेन, फ्रांस और जर्मनी में लगातार कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। एक हफ्ते में ही इन देशों में कोरेाना के मामलों में तेजी से इजाफा हुआ। इन देशों के अलावा चीन, साउथ कोरिया, ईरान, इटली, स्पेन, जर्मनी और अमेरिका में 100 मामलों का आंकड़ा पार करने के बाद कोरोना के मामलों मे बहुत तेजी से इजाफा हुआ।

11,000 से ज्यादा की मौत
यह बात गौर करने वाली है कि जहां साउथ कोरिया और जापान के अलावा चीन ने जिस तरह से वायरस को रोकने में सफलता हासिल की, ईरान, अमेरिका और यूरोप वैसा करने में कामयाब नहीं हो सके। अब तक इस वायरस की वजह से दुनियाभर में 11,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। 90,000 से ज्यादा लोग ठीक हो चुके है जिसमें से 70,000 लोग चीन में हैं।

सोशल डिस्टेंसिंग को मिलेगा बढ़ावा
रविवार को जनता कर्फ्यू की वजह से कई लोग वायरस के संपर्क में आने से बच सकेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि यह एक अच्छा आइडिया है जिसकी मदद से सोशल डिस्टेंसिंग के लिए लोगों में जागरुकता बढ़ेगी। कुछ विशेषज्ञों ने इसे सिर्फ सोशल डिस्टेंसिंग को प्रोत्साहित करने की ड्रिल बताया है। विशेषज्ञों मान रहे हैं कि यह एक अच्छा आइडिया है जिसकी मदद से सोशल डिस्टेंसिंग के लिए लोगों में जागरुकता बढ़ेगी। लेकिन इससे यह नही समझ लेना चाहिए कि वायरस की चेन टूट सकेगी।












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