Medical Oxygen की कमी न होने दें राज्य सरकारें : केंद्र ने लिखा पत्र
Coronavirus संक्रमण बढ़ने की आशंका के बीच Medical Oxygen की कमी न हो इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को लेटर लिखा है। अस्पतालों में पर्याप्त ऑक्सीजन रहे, ऐसा सुनिश्चित करने को कहा गया है।

Coronavirus के नए वेरिएंट और संक्रमण तेजी से बढ़ने की आशंका के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि Medical Oxygen की कमी न हो, ऐसा सुनिश्चित किया जाए। केंद्र सरकार की तरफ से जारी लेटर में राज्यों से कहा गया है कि कोरोना से ट्रीटमेंट के लिए अस्पतालों को तैयार रखा जाए और किसी भी हाल में जरूरतमंद लोगों के लिए मेडिकल ऑक्सीजन की कमी न होने पाए। बता दें कि कुछ महीनों पहले ऑक्सीजन के लिए मारामारी की विचलित करने वाली तस्वीरें सामने आई थीं।
पर्याप्त ऑक्सीजन सप्लाई करें
पिछली बार की परेशानी से सबक सीखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को Covid-19 महामारी प्रबंधन के संबंध में पत्र लिखा है। केंद्र सरकार ने मेडिकल ऑक्सीजन की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की अपील की है।
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प्रेशर स्विंग एडजॉर्शन प्लांट चालू रखें
नई एडवाइजरी में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा है कि लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और प्रेशर स्विंग एडजॉर्शन (पीएसए) प्लांट को चालू रखा जाए।
पीएम मोदी ने किया है अलर्ट
केंद्र सरकार ने राज्यों को ताजा एडवाइजरी में यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया है कि पर्याप्त मेडिकल ऑक्सीजन उपलब्ध हो। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को चेतावनी दी थी कि कोरोना वायरस महामारी अभी खत्म नहीं हुई है, क्योंकि चीन और अन्य देशों में कोरोना संक्रमण में भारी वृद्धि देखी जा रही है।
मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग पर जोर
शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने पॉजिटिविटी रेट में गिरावट की बात कही थी, लेकिन पड़ोसी देश में बढ़ रहे कोरोना केस के कारण तमाम राज्य और केंद्र सरकार अलर्ट मोड में हैं। नागरिकों से मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग (वायरस के फैलने से बचने के लिए शारीरिक दूरी) जैसे उपायों का इमानदारी और गंभीरता से अनुपालन करने की अपील की जा रही है।
दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी !
भारत में भी कोविड-19 की तीन लहरें आ चुकी हैं। पिछले साल कोरोना की दूसरी लहर के दौरान अस्पतालों में मरीजों को काफी संघर्ष करना पड़ा था। दिल्ली सहित कई शहरों में मेडिकल ऑक्सीजन की कमी से जुड़े मामले सामने आए थे।












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