डेल्टा प्लस वैरिएंट चिंता का सबब नहीं, अब तक दर्ज किए गए 86 मामले: स्वास्थ्य मंत्रालय
सरकार
नई दिल्ली, 10 अगस्त: स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार कोरोना को लेकर अपनी प्रेस वार्ता में बताया है कि कुछ राज्यों को छोड़कर ज्यादातर राज्यों में केस लगातार घर रहे हैं। नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के डायरेक्टर डॉ. एसके सिंह ने बताया है कि अभी तक हम 2 तरह से वेरिएंट की निगरानी कर रहे थे, एक बाहर से आने वाले और देश में डेल्टा संस्करण का प्रभाव। आज हमें नए म्यूटेंट की तलाश करने की जरूरत है क्योंकि वे किसी भी समय कहीं भी पहुंच सकते हैं।

डॉक्टर सिंह ने बताया है कि कोविड19 के डेल्टा प्लस वेरिएंट के मामलों में भारत में कोई तेजी नहीं आई है, देश में अब तक इस प्रकार के केवल 86 मामले दर्ज किए गए हैं। हम अल्फा, बीटा, गामा, डेल्टा और डेल्टा प्लस की खास निगरानी कर रहे हैं। ये वेरिएंट ऑफ कंसर्न हैं। वहीं दो वेरिएंट कप्पा और बी 1617.3 की जांच की जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया है कि पिछले हफ्ते देश में जितने कुल मामले दर्ज किए गए उसमें से 51.51 फीसदी मामले सिर्फ केरल से दर्ज किए गए हैं। 11 राज्यों में 44 जिलों में पॉजिटिविटी 10 फीसदी से अधिक है। केरल में ऐसे 10 जिले हैं। 6 नॉर्थ ईस्ट राज्यों मणिपुर, मिज़ोरम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड और सिक्किम में 29 जिले ऐसे हैं जहां केस पॉजिटिविटी रेट 10 फीसदी से अधिक है। राहत की बात ये है कि देश में अब सक्रिय मामले 4 लाख से भी कम हो गए हैं और रिकवरी रेट 97.45 प्रतिशत है। पिछले 2 हफ्ते में 2 फीसदी से भी कम पॉजिटिविटी रेट दर्ज की गई है। वैक्सीन को लेकर उन्होंने बताया किजनवरी में हम वैक्सीन की 2.35 लाख डोज प्रतिदिन उपलब्ध करा पा रहे थे, जुलाई में यह बढ़कर 43.41 लाख डोज प्रतिदिन हुआ। अगर हम अगस्त महीने का औसत निकालें तो यह 49.11 लाख है।
देश में कोरोना की स्थिति
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 28,204 नए मामले सामने आए हैं। देश में 174 दिनों में अब तक के ये सबसे कम कोरोना केस सामने आए हैं। जिसके बाद देश में कोविड-19 एक्टिव केसों की संख्या 3,88,508 रह गई है।












Click it and Unblock the Notifications