कोरोना वायरस से नफरत: इजरायल में चाइनीज समझकर भारतीय पर जानलेवा हमला
नई दिल्ली- कोरोना वायरस की वजह से देश-विदेश में डर का ऐसा माहौल पैदा हुआ है कि इजरायल में एक अप्रवासी भारतीय की जान पर बन आई है। मणिपुर में अपने परिवार के साथ रह रहे एक भारतीय को दो लोगों ने चीनी नागरिक समझकर बुरी तरह पीट दिया है। अम-शलेम सिंग्सन नाम का वह भारतीय नागरिक अभी इजरायल के अस्पताल में भर्ती है और उसके सीने और फेफड़े में काफी चोटें आई हुई हैं।(फोटो क्रेडिट-द टाइम्स ऑफ इजरायल )

इजरायली अखबार द टाइम्स ऑफ इजरायल में छपी एक खबर के मुताबिक 28 साल का अम-शलेम सिंग्सन इजरायल के उत्तरी शहर टाइबेरियास में कोरोना वायरस के डर से पैदा हुए नस्ली हिंसा का शिकार हुआ है। सिंग्सन इजरायल के शावेई समुदाय से जुड़ा है। वह 2017 में भारत से इजरायल आया था। शावेई इजरायल ऑर्गेनाइजेशन ने रविवार को कहा कि दो इजरायली लोगों ने उसे चायनीज समझकर तंज कसा था। हमलावरों ने उसे देखकर कोरोना! कोरोना! चिल्लाना शुरू कर दिया था।
ऑर्गेनाइजेशन की ओर जारी बयान में अम-शलेम सिंग्सन के हवाले से कहा गया है कि, 'मैंने हमलावरों से कहा था कि मैं चाइनीज नहीं हूं.......... लेकिन चाहे ब्नेई मेनाशे समुदाय का यहूदी ही क्यों न हो किसी चीनी शख्स या किसी पर भी हमला करने का कोई औचित्य नहीं है..........लेकिन, उनपर पूरी तरह सनक सवार था और उन्होंने मुझे बहुत जोर से मारा और कोरोना! कोरोना! चिल्लाते रहे।' इस मामले में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है और आरोपियों को पकड़ने की कोशिशें कर रही है।
पीड़ित को इलाज के लिए स्थानीय पोरिया अस्पताल में दाखिल कराया गया है, उसके सीने और फेफड़ों में बहुत ज्यादा चोट लगी हैं। डॉक्टरों ने उसकी हालत स्थिर बताई है। शलेम सिंग्सन अपनी मां, दादी और भाई के साथ इजरायल आया था और अभी टाइबेरियास में ही रहता है। वो पास के मालॉट में एक धार्मिक संस्थान में पढ़ता है।
इजरायल के रिलिजीयस ऐक्शन सेंटर के रेसिज्म क्राइसिस सेंटर ने इस घटना पर कहा है कि 'इजरायल में अभी चीन और पूर्वी एशिया के 10,000 से भी ज्यादा लोग काम करते हैं।.......इसके (कोरोना वायरस) डर से किसी को निशाना बनाने की स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए।'
इजरायल में मौजूद कई संगठनों ने शलेम सिंग्सन के हमलावरों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की मांग की है।












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