Coronavirus: वैज्ञानिकों को डर भारत में Social Distancing के लिए गंभीरता कम, भुगतना पड़ेगा गंभीर अंजाम
नई दिल्ली। 22 मार्च को पूरे देश में जनता कर्फ्यू है और सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक यह स्थिति रहेगी। कोरोना वायरस की वजह से भारत में संक्रमित केसेज का आंकड़ा 300 का निशान को छू चुका है। वैज्ञानिकों की मानें तो भारत के लिए अगले कुछ हफ्ते काफी महत्वपूर्ण है। इन हफ्तों में तय होगा कि भारत वायरस को फैलने से रोकने में कामयाब रहता है या फिर यहां भी चीन और इटली जैसी स्थितियां होती हैं। विशेषज्ञों की मानें तो अगर भारत ने अभी इस महामारी पर नियंत्रण नहीं किया तो फिर 15 अप्रैल तक कोरोना के केसेज 3500 से भी ज्यादा हो सकते हैं।

धीरे-धीरे केसेज में इजाफा
भारत में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या में धीरे-धीरे इजाफा हो रहा है। भारत सरकार के साथ इस महामारी से जुड़े मानकों पर काम करने वाले एक वैज्ञानिक की मानें तो अभी भारत में जो संख्या है, उसके आधार पर अनुमान लगाया जा सकता है कि अलगे दो से तीन हफ्तों के दौरान संख्या 415 और 1000 तक पहुंच सकती है। उनका कहना है कि लोग सोशल डिस्टेंसिंग और क्वारंटाइन जैसी बातों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। चेन्नई मैथमैटिकल इंस्टीट्यूट में एसोसिएट प्रोफेसर सौरीश दास ने बताया कि अगर भारत में चीन की ही तर्ज पर सेल्फ क्वारंटाइन और सोशल डिस्टेंसिग का पालन किया जाए तो फिर 15 अप्रैल तक देश में 415 संक्रमित लोग होंगे। उन्होंने कहा कि अगर भारत में भी लोग वही गलती करते हैं जो इटली में लोगों ने की तो फिर 15 अप्रैल तक देश में संक्रमित लोगों की संख्या 3500 लोगों तक पहुंचने में देर नहीं लगेगी।
इटली की तरह हो सकते हैं हालात
उन्होंने यह भी कहा कि भारत के हालात इटली जैसे होंगे इस बात की आशंका कम हे। उनका कहना था कि भारत में युवा जनसंख्या का आंकड़ा इटली से काफी अलग है। यहां पर औसत युवा 28 वर्ष है जो कि दुनिया में सबसे कम है। वहीं इटली में यह आंकड़ा 45 है जो यूरोपियन यूनियन में सबसे ज्यादा है। एक और वैज्ञानिक सीताभ्र सिन्हा ने बताया है कि अभी तक इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि आखिर भारत में किसी एक इंसान से दूसरे इंसान में यह बीमारी कम गति से ट्रांसफर हो रही है। सिन्हा ने इस बात की आशंका जताई थी कि भारत में 22 मार्च तक कोरोना के केस 200 से ज्यादा हो सकते हैं। जिस तरह से बीमारी फैल रही है उसके आधार पर सिन्हा ने अनुमान लगाया है कि मार्च के अंत तक 1000 केस होंगे। नेशनल डिजास्टर टास्क फोर्स लगातार प्रोफेसर सिन्हा के संपर्क में है।












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