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Corona Daily Updates 09/04: देश-दुनिया में कोरोना वायरस को लेकर क्या है ताजा स्थिति

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नई दिल्ली। दुनियाभर में विकराल रूप ले चुके कोरोना वायरस संक्रमिक लोगों की तादाद दुनियाभर में 15 लाख को पार कर गई है। दुनिया के तमाम वैज्ञानिकों की कोशिश के बावजूद इस महामारी का इलाज नहीं मिल रहा है। भारत में भी बहुत तेजी से ये बीमारी पैर पसार रही है। गुरुवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में कोरोना के 549 नए मामले आए हैं जिसके बाद देशभर में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 5734 हो गई है। बीते 24 घंटे में 17 लोगों की मौत हुई है। अब तक कुल 166 लोगों की मौत इस वायरस से हुई है। इस समय देश के अलग-अलग अस्पतालों में 5095 कोरोना संक्रमितों का इलाज चल रहा है और 473 लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दी गई है।

 इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 5 अप्रैल को रात नौ बजे, घर की सभी लाइटें बंद करके, घर के दरवाजे या बालकनी में खड़े रहकर नौ मिनट तक मोमबत्ती या दीया जलाने की अपील पर कुछ राज्यों के बिजली विभाग ने कहा है कि इससे ग्रिड फेल हो सकती है। जिससे इमरजेंसी सेवाएं बंद करनी पड़ सकती हैं। हालांकि केंद्रीय बिजली मंत्रालय ने ऐसी किसी आशंका को गलत कहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से बताया गया है कि पीएम मोदी ने आज देश में कोरोना वायरस प्रतिक्रिया गतिविधियों की योजना और कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए गठित सशक्त समूहों की संयुक्त बैठक की है। इस दौरान उन्होंने अस्पतालों की उपलब्धता, उचित आइसोलेशन और क्वारंटीन सुविधाओं के बारे में देशव्यापी तैयारियों की समीक्षा की। साथ ही प्रधानमंत्री ने सभी संबंधित चिकित्सा उपकरणों जैसे व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई), मास्क, दस्ताने और वेंटिलेटर्स के पर्याप्त उत्पादन, खरीद और उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित समूहों और अधिकारियों को निर्देश दिया। आज महाराष्ट्र में 47, उत्तर प्रदेश के आगरा में 25, राजस्थान में 19, गुजरात में 10, मध्यप्रदेश में छह और गोवा में एक नए मामले सामने आए हैं। वहीं, राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु में एक-एक और मध्यप्रदेश में तीन की मौत हो गई है। जिसके बाद देशभर में कोरोना वायरस पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या बढ़कर 2902 हो गई है। इनमें 2650 सक्रिय हैं, जिनका अस्पतालों में इलाज चल रहा है। वहीं 183 लोग स्वस्थ हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और 68 लोगों की मौत हुई है। कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच भारतीय सेना ने 5 अप्रैल की शाम दीया या मोमबत्ती जलाने के दौरान लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। सेना की ओर से कहा गया है कि हम दीया या मोमबत्तियां जलाते समय सावधान रहें। अपने हाथों को धोने के लिए साबुन का उपयोग करें, कुछ भी जलाने से पहले शराब-आधारित सैनिटाइजर का उपयोग ना करें।

देश में संपूर्ण लॉकडाउन के बावजूद कोरोना वायरस का कहर बढ़ता ही जा रहा है। दिल्ली, यूपी समेत कई राज्यों ने उन स्थानों को पूरी तरह सील कर दिया है, जहां कोरोना के ज्यादा मामले हैं। इन्हें कोरोना हॉटस्पॉट के तौर पर चिन्हित किया गया है। गुरुवार को महाराष्ट्र में 162, गुजरात में 55, राजस्थान में 47, पंजाब में आठ, बिहार में 12, कर्नाटक में 10, झारखंड में चार, मध्यप्रदेश में छह, ओडिशा में दो और छत्तीसगढ़ में एक नए मामले सामने आए हैं। वहीं, झारखंड में कोरोना से आज पहली मौत हुई।

केंद्र और राज्य सरकारें वैश्विक महामारी को रोकने की हर संभव कोशिश कर रही हैं। इसी बीच ऐसी चर्चा भी है कि 21 दिनों के देशव्यापी लॉकडाउन को और आगे तक बढ़ाया जा सकता है, हालांकि केंद्र सरकार की तरफ से ऐसी कोई पुष्टि नहीं की गई है लेकिन कई राज्य सरकारों का ऐसा ही विचार है। इस पर अंतिम फैसला 11 अप्रैल, 2020 को ही लिया जाएगा, उस दिन पीएम मोदी सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से दूसरी बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर कोरोना वायरस को लेकर चर्चा करने वाले हैं।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोरोना सरकारी और निजी अस्पतालों के चिकित्सा निदेशकों और चिकित्सा अधीक्षकों के साथ बैठक करेंगे। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन,मुख्य सचिव विजय देव और स्वास्थ्य सचिव भी इस बैठक में हिस्सा लेंगे। वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहाा है कि हम COVID19 को देशव्यापी लेवल पर मॉनीटर करना चाहते हैं। तो उसी के तहत मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने COVID19 मैनेजमेंट के लिए एक ट्रेनिंग मॉड्यूल लॉन्च किया है जिसका नाम है इंटीग्रेटेड गवर्नमेंट ऑनलाइन ट्रेनिंग पोर्टल। लव अग्रवाल ने आगे कहा, ये पोर्टल दीक्षा प्लेटफॉर्म से संबंधित है। इस प्लेटफॉर्म के द्वारा डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिक्स और साथ ही राज्य के अधिकारी गण, सिविल डिफेंस अधिकारी, NCC, NSS और रेड क्रॉस सोसाइटी के स्वयंसेवकों को और फ्रंटलाइन वर्कर्स को जरूरी संसाधन उपलब्ध करवाए जाएंगे।

देश में कोरोना वायरस महामारी पर अंकुश लगने तक देश में सारी स्वास्थ्य सुविधाओं और उनसे संबंधित इकाइयों का राष्ट्रीकरण करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। यह याचिका एक स्थानीय अधिवक्ता अमित द्विवेदी ने दायर की है। याचिका में दावा किया गया है कि भारत में इस महामारी से निपटने के लिए जन स्वास्थ सेवाओं की समुचित व्यवस्था का अभाव है। याचिका में केन्द्र और सभी राज्य सरकारों को सारी स्वास्थ्य सुविधाओं का राष्ट्रीयकरण करने और सारी स्वास्थ्य सेवाओं, संस्थाओं, कंपनियों और उनसे संबद्ध इकाइयों को महामारी से संबंधित जांच और उपचार मुफ्त में करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

इस बीच दिल्ली उच्च न्यायालय ने उच्च न्यायालय और अधीनस्थ न्यायालयों का ग्रीष्मकालीन अवकाश निलंबित कर दिया है। राष्ट्रीय राजधानी के न्यायालय जून के महीने में कार्य करेंगी। वहीं केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित करने का निर्णय लिया। आगामी खरीफ सत्र में फसलों की बुवाई के संबंध में कॉन्फ्रेंस 16 अप्रैल को होगी। खरीफ फसलों की बुवाई दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के साथ जून-सितंबर के दौरान होती है।

मुख्यमंत्रियों से बात करेंगे मोदी

11 अप्रैल को पीएम मोदी सभी मुख्यमंत्रियों से बातचीत करेंगे और स्थिति पर राय लेंगे। इससे पहले बुधवार को कोरोना वायरस और लॉकडाउन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा और राज्यसभा में विभिन्न दलों के नेताओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की। बैठक में पीएम मोदी ने विपक्षी दलों को देश में लॉकडाउन बढ़ाने के संकेत दिए।इस बैठक में पीएम मोदी ने राहत पैकेज और मेडिकल उपकरणों की कमी जैसे मुद्दे भी उठाए गए। बैठक में पीएम मोदी ने कहा, देश में स्थिति 'सामाजिक आपातकाल' के समान है इसके लिए कड़े फैसलों की जरूरत है और हमें सतर्क रहना चाहिए। राज्यों, जिला प्रशासन और विशेषज्ञों ने वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन को आगे बढ़ाने का सुझाव दिया है।

1.8 करोड़ मजदूरों के खातों में पहुंचे पैसे

लॉकडाउन को देखते हुए 18 राज्यों ने मजदूरों को राहत देने के लिए उनके खातों में कैश ट्रांसफर किए हैं। इसका लाभ 1.8 करोड़ मजदूरों तक पहुंचा है। अलग-अलग राज्यों ने इस मद में 1000 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक ट्रांसफर किए हैं। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने लॉकडाउन की घोषणा वाले दिन यानि 24 मार्च को ही राज्य सरकारों को इसके लिए एक एडवाइजरी जारी की थी। यह एडवाइजरी असंगठित क्षेत्रों विशेष कर कंस्ट्रक्शन क्षेत्र के मजदूरों की मदद के लिए जारी की गई थी और इनके लिए बने वेलफेयर फंड का इसके लिए इस्तेमाल करने को कहा गया था।

लॉकडाउन लगातार जारी

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की चपेट में अब दुनिया के लगभग सारे देश आ चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में 21 दिन का लॉकडाउन किया है। जिसका आज 15वां दिन है। लॉकडाउन के बावजूद कोरोना वायरस से संक्रमित मामलों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। देश में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या में पिछले तीन दिनों में भारी इजाफा हुआ है। देशभर में लॉकडाउन से लोगों को काफी परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है। खासतौर से गरीब तबका प्रभावित है। वहीं डॉक्टरों और नर्सों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वो डॉक्टर या नर्स जो रेंट पर रहते हैं, उनको मकान मालिक घर खाली करने को कह रहे हैं।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ने के बाद स्वास्थ्य कर्मियों के परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है। ये मुआवजा उन स्वास्थ्य कर्मियों के परिवारों को मिलेगा जिनकी मौत कोविड 19 के रोगियों का इलाज करते हुए हुई हो।

भारत सरकार की तरफ से नए कदम

स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि भारतीय रेलवे ने 2,500 डिब्बों में 40,000 आइसोलेशन बेड तैयार किए हैं। वे प्रतिदिन 375 अलगाव बेड तैयार कर रहे हैं और यह देश भर में 133 स्थानों पर चल रहा है। इनमें 3981 का इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन सतर्क रहने की बहुत जरूरत है। राज्य सरकारों और केंद्र की ओर से कहा गया है कि वो लगातार हालात पर नजर रख रहे हैं और स्थिति और ज्यादा ना बिगड़े इसके लिए कदम उठाए जा रहे हैं। गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की स्थिति संतोषजनक है। गृह मंत्री ने आवश्यक वस्तुओं और लॉकडाउन उपायों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की है, जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के निर्देश भी दिए गए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि केंद्र की ओर से राज्यों को हर संभव मदद की जाएगी। केंद्र और राज्य की सरकारें लगातार अपने स्तर पर काम कर रही हैं। सरकार लॉकडाउन की घोषणा के बाद अब वेंटिलेटर, आइसोलेशन वार्ड और दूसरे ऐसी चीजों परर ध्यान दे रही है, जिनकी जरूरत इस बीमारी के और बढ़ने पर पड़ सकती है।

दुनियाभर में विकराल रूप ले चुका कोरोना वायरस अमेरिका में भी हजारों जाने ले चुका है। इसी बीच भारत ने दुनिया के अन्य देशों को मदद पहुंचाने के लिए मंलवार को बड़ा फैसला लिया है। अमेरिका की गुजारिश पर भारत विश्व के अन्य देशों को हाईड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की दवाई देने के लिए राजी हो गया है, हालांकि केंद्रीय विदेश मंत्रालय की तरफ से यह भी कहा गया है कि भारत के लिए उसके नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। अगर हमारे पास स्टॉक बचता है तो ही हम हाईड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन को अन्य देशों में मदद के लिए निर्यात करेंगे।

दुनिया में मरीजों का आंकड़ा साढ़े 15 लाख के पार

कोरोना के चलते पूरी दुनिया में उथल-पुथल है। दुनिया में इस वायरस से पीड़ितों की संख्या 15 लाख को पार कर गई है। वहीं अब तक 89 हजार से ज्यादा लोगों की जान ये वायरस ले चुका है। करीब 3 लाख 37 हजार लोग अब तक इस बीमारी से रिकवर कर चुके हैं। 11 लाख से ज्यादा लोग अभी भी इसकी चपेट में हैं। ये वायरस चीन के वुहान से शुरू हुआ था लेकिन वहां अब पहले के मुकाबले काबू में है। जबकि दुनियाभर में इसका कहर है। इस समय ये इटली, फ्रांस, स्पेन, अमेरिका और इंग्लैंड जैसे मुल्कों में कहर बरपा रहा है।

दुनियाभर के देशों में इस वायरस से हुई मौतों पर बात करें तो भारत में 166 मौतें अब तक हुई हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका में 14,757, स्पेन में 15,245, इटली में 17,669, फ्रांस में 10,669, जर्मनी में 2349, चीन 3,335, इरान 4000, इंगलैंडमें 7,059, तुर्की में 812 बेल्जियम में 2520, स्विटजरलैंड में 909, नीदरलैंड में 2248, कनाडा 435, ब्राजील में 822, ऑस्ट्रिया 295, पुर्तगाल 380, दक्षिण कोरिया 204, इजरायल 79, रूस 76, स्वीडन 687, नॉर्वे101, आयरलैंड 210, डेनमार्क 203, चीली 43, चेक गणराज्य 91, पोलैंड 136, रोमानिया 207,पाकिस्तान 63, एक्वाडोर 220 और फिलीपिंस में 203 मौतें हो चुकी हैं।

WHO की तरफ से जारी नए अपडेट्स

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड-19 को महामारी घोषित कर चुका है। डब्ल्यूएचओ की ओर से कहा गया है कि सरकारें भी सख्ती बरतें। साथ ही दुनियाभर की सरकारों को कहा है कि सिर्फ लॉकडाउन से कुछ नहीं होगा, तेजी से टेस्ट किए जाने भी जरूरी हैं। एक अधिकारी ने अपने बयान में कहा है कि सिर्फ लॉकडाउन इस बीमारी से पार नहीं पा सकता है। बड़े स्तर पर दुनिया को इससे लड़ने के लिए तैयारी करने होगी। डब्ल्यूएचओ की ओर से दुनियाभर में सभी लोगों को एहतियात बरतने के लिए कहा गया है। बता दें कि अभी तक कोरोना वायरस का कोई इलाज या टीका नहीं है।

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English summary
coronavirus daily roundup and updates around the world and India 17th march 2020
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