वर्ष 2002 में हुए गुजरात दंगे में सजा की दर 10 प्रतिशत से भी कम रही, 83 लोग ही ओरापी हुए

स्टेनफोर्ड लॉ स्कूल में हुई एक रिसर्च के बाद खुलासा किया गया है कि गुजात दंगे में सजा की दर 10 प्रतिशत से भी कम थी। आंकड़े बताते हैं कि दंगे में कुल 863 लोगों को आरोपियों की श्रेणी में डाला गया था जिसमें से सिर्फ 83 लोगों को ही सजा दी गई। ऐसे में सजा देने वालों का कुल प्रतिशत 10 से भी कम सिर्फ 9.63 प्रतिशत था। इस खुलासे के बाद जहां एक ओर इस बात की पुष्टि होती है कि गोधरा कांड के दौरान मोदी सरकार ने अपने हाथ भी सेंके थे वहीं दूसरी ओर कांग्रेस को शायद एक 'दंगा दांव' खेलने का भी मौका मिल सकता है।
स्टेनफोर्ड लॉ स्कूल में द्वारा किए गए अध्ययन के बाद 138 पेज की एक रिपोर्ट जिसका शीर्षक 'वेट जस्टिस बिकम ए विक्टिम' है को पेश किया गया है। इसमें बताया गया है कि दंगे के बेाद किन आरोपियों को हिरासत में लिया गया और कुछ ही दिनों में कैसे सभी को छोड़ दिया गया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आरोपियों को हिरासत में लेना गुजरात सरकार की एक चाल थी और बाद में उन्हें छोड़ना कट्टर राजनीति।












Click it and Unblock the Notifications