फिर गरमाई बाबरी मस्जिद पर राजनीति, शुरु हुआ बयानबाजी का दौर
लखनऊ। अयोध्या मामले में मुख्य याचिकाकर्ता हाशिम अंसारी के बयान के बाद अयाध्या-बाबरी मस्जिद विवाद फिर से गर्मा गया है। एक तरफ जहां हाशिम अंसारी ने जहां इस केस को कोर्ट से वापस लेने का एलान कर दिया है, तो वहीं दूसरी तरफ अन्य राजनीतिक दलों ने इसपर जमकर सियासत करनी शुरु कर दी है।

समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव का कहना है कि वह खुद अंसारी से बात करके उन्हें मनाने की कोशिश करेंगे कि वह केस को वापस ना लें। उधर भाजपा ने समाजवादी पार्टी पर जमकर हमला बोलते हुए कहा है कि सपा हाशिम अंसारी पर दबाव डालकर उन्हें अपना फैसला वापस लेने के लिए मजबूर कर रही है।
भाजपा के उत्तर प्रदेश के प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने आरोप लगाया कि सपा मंत्री पवन पांडे ने हाशिम अंसारी के घर जाकर उन्हें अपना फैसला बदलने के लिए मजबूर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह काफी दुखद है कि सपा अंसारी के उस प्रयास में रोड़ा डालने की कोशिश कर रही है जिसमें वह राम जन्म भूमि और बाबरी मस्जिद के विवाद को सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं।
भाजपा ने सपा पर आरोप लगाया कि अगर विवाद को दोस्ताना तरीके से हल करने की कोशिश की जा रही है तो ऐसे में अल्पसंख्यकों के नाम पर राजनीति करने का का क्या मतलब है। आपको बता दें कि हाशिम अंसारी ने कहा था कि यह काफी दुखद है कि रामलला तिरपाल में रह रहे हैं वहीं नेता इसपर राजनीति कर रहे हैं। अंसारी ने अपने बयान में कहा था कि वह इस मामले को सुलझाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करना चाहते है।












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