कर्नाटक: जल संकट पर बोले डिप्टी CM- बैंगलुरु में 5 साल तक फ्लैट के निर्माण पर लग सकता है बैन
बेंगलुरु: कर्नाटक में पानी की समस्या को देखते हुए राज्य के उप-मुख्यमंत्री जी परमेस्वर इशारा किया है कि बेंगलुरु में बड़े पैमाने पर अपार्टमेंट के निर्माण पर रोक लगा सकता है। हालांकि उनके इस विचार का क्रियान्वयन कब से होगा यह साफ नहीं हो पाया है। उन्होंने ने कहा कि इस पर जोर शोर से विचार किया जा रहा है क्योंकि हम पानी की कमी से जूझ रहे हैं। इसलिए अलग-अलग स्रोतों के जरिए बेंगलुरु की समस्या का समाधान पर विचार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सिर्फ पानी को लेकर ही नहीं, बेंगलुरु में वाहनों की संख्या पर लगाम लगाने पर विचार किया जा रहा है। क्योंकि बड़े अपार्टमेंट बने हैं। हर घर में एक दो या तीन वाहन हैं। इसलिए विचार किया जा रहा है कि थोड़े दिनों के लिए कम से कम पांच साल तक हम बेंगलुरु शहर में अपार्टमेंट के निर्माण पर किसी तरह का प्रतिबंध लाएंगे। हम अभी फिलहाल इस पर चर्चा कर रहे हैं।
लेकिन उपमुख्यमंत्री के विचार पर कहा जा रहा है कि यदि यह निर्णय कर्नाटक सरकार द्वारा लिया जाता है तो इसके रियल एस्टेट के कारोबार पर बहुत बुरा असर पड़ेगा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजनेसे मैन दोस्तों को समझना चाहिए कि कोई भी पानी पैदा नहीं कर सकता है। हम पहले से ही कावेरी के पांचवे स्टेज में हैं। इसके अलावा कोई अन्य स्रोत नहीं हैं। अगर मैं लिंगनामाकी के बारे में बात करता हूं, तो विरोध होगा, गर मैं येटिनाहोल के बारे में बात करता हूं, तो विरोध होगा, तो मैं बढ़ती आबादी के साथ बैंगलोर को पानी कहा से मिलेगा।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मैं सावधानी बरत रहा हूं, मैं कुछ होने की प्रतीक्षा नहीं करना चाहता। मैं नहीं चाहता कि मेरा शहर रात भर पानी की कमी से जूझता रहे। आप कल्पना कर सकते हैं कि अगले दो महीने में कावेरी में पानी नहीं होगा तो? बोरवेल्स हमारे पास हैं लेकिन पानी 1200 फीट नीचे चला गया। अगर सभी बोरवेल्स की सहायता ली भी जाए तो लगभक 400 एमएलडी पानी निकालेंगे।
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