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Constitution Day 2024: संविधान की 75वीं वर्षगांठ पर पीएम मोदी ने दी बधाई, कहा-'राष्ट्रीय एकता का मार्गदर्शक'

Constitution Day 2024: भारत ने आज अपने संविधान की 75वीं वर्षगांठ मनाई गई। जिसे संविधान दिवस के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर देशभर के नेताओं ने संविधान की अहमियत पर प्रकाश डालते हुए इसे लोकतंत्र की आधारशिला बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और अन्य प्रमुख नेताओं ने संविधान को भारतीय लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता का मार्गदर्शक दस्तावेज बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने रेखांकित की संविधान की भूमिका

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान दिवस पर भारतीय नागरिकों के प्रति गर्व व्यक्त करते हुए इसे लोकतंत्र के विकास में एक मील का पत्थर करार दिया। उन्होंने संविधान के सिद्धांतों और आदर्शों को भारत के सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने को समृद्ध करने वाला मार्गदर्शक बताया। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर संसद भवन में आयोजित विशेष समारोह में हिस्सा लिया और भारतीय न्यायपालिका की वार्षिक रिपोर्ट 2023-24 जारी की।

narendra modi

राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति ने व्यक्त किए विचार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के दोनों सदनों के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। उन्होंने संविधान के आदर्शों पर चलने की आवश्यकता पर जोर देते हुए इसे राष्ट्रीय एकता, न्याय और समानता का प्रतीक बताया। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने भी संविधान के सिद्धांतों को बनाए रखने और उनके पालन की सामूहिक प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। उन्होंने इसे भारत के सामाजिक और लोकतांत्रिक ताने-बाने को मजबूत करने वाला आधार बताया है।

केंद्रीय नेताओं ने संविधान की प्रासंगिकता पर दिया जोर

केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने भारत की विविधता में संविधान के स्थायी प्रभाव पर चर्चा करते हुए अनुच्छेद 370 को निरस्त करने का उल्लेख किया। इसे उन्होंने संविधान के मार्गदर्शक सिद्धांतों का सटीक उदाहरण बताया। नितिन गडकरी ने डॉ. भीमराव अंबेडकर और अन्य राष्ट्र निर्माताओं को श्रद्धांजलि देते हुए संविधान को भारत में लोकतंत्र की आत्मा बताया। गृह मंत्री अमित शाह ने लोगों से संविधान के मूल्यों को आत्मसात करने और एक समतावादी समाज की दिशा में काम करने का आह्वान किया।

राज्य के नेताओं ने भी व्यक्त की श्रद्धांजलि

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने संविधान की समावेशिता और न्यायपूर्ण समाज को बढ़ावा देने की क्षमता की सराहना की। उन्होंने इसे भारत की एकता और प्रगति का प्रतीक बताया।

केसी वेणुगोपाल ने बताया गतिशील दस्तावेज

कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने संविधान को एक गतिशील दस्तावेज बताया। उन्होंने कहा कि यह न केवल भारत के उपनिवेशवाद के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक है। बल्कि न्याय, समानता और समावेशिता को बढ़ावा देता है।

संविधान दिवस, आदर्शों और उपलब्धियों का उत्सव

संविधान दिवस का यह उत्सव भारतीय संविधान की लोकतांत्रिक आत्मा और इसके आदर्शों को जीवंत रखने का संदेश देता है। यह दिन न्याय, समानता और स्वतंत्रता के प्रति देश की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। भारतीय संविधान न केवल शासन का मार्गदर्शक है। बल्कि यह राष्ट्र की आत्मा और पहचान को भी दर्शाता है।

संविधान दिवस 2024 का यह अवसर भारत की लोकतांत्रिक यात्रा और सामाजिक न्याय के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। नेताओं और नागरिकों ने मिलकर इस ऐतिहासिक दस्तावेज़ को श्रद्धांजलि दी। जो भारत के प्रगति पथ का मार्गदर्शन करता रहा है। यह समारोह संविधान के आदर्शों के प्रति देश के नए संकल्प का प्रतीक बनकर उभरा है।

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