Constitution Day 2024: 2 साल और 166 बैठकें, ऐसे तैयार हुआ था संविधान का मसौदा, जानें रोचक तथ्य और मकसद?
Indian Constitution Day 2024: 26 नवंबर को हर साल संविधान दिवस मनाया जाता है। संविधान दिवस सिर्फ एक दिन का उत्सव नहीं है, बल्कि यह हमारे देश के सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज को याद करने का दिन है। यह हमें बताता है कि हमारे पास क्या अधिकार हैं और हमें देश के प्रति क्या कर्तव्य निभाने चाहिए।
डॉ. भीमराव अंबेडकर और संविधान सभा के सदस्यों ने जो मेहनत की, वह आज हमारे जीवन के हर हिस्से को प्रभावित करती है। इसे 26 नवंबर 1949 को अंतिम रूप दिया गया और 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया। आइए इस खास दिन के इतिहास और महत्व पर विस्तार से चर्चा करें...

संविधान दिवस का इतिहास
भारतीय संविधान दिवस को 2015 में आधिकारिक मान्यता दी गई। इस दिन को मनाने का उद्देश्य नागरिकों को संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना है। डॉ. भीमराव अंबेडकर, जो संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे, को इस दिन खासतौर पर याद किया जाता है।
संविधान निर्माण की शुरुआत:
- संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई।
- डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा अंतरिम अध्यक्ष बने, और बाद में डॉ. राजेंद्र प्रसाद को स्थायी अध्यक्ष चुना गया।
- संविधान का मसौदा तैयार करने में 2 साल, 11 महीने, और 18 दिन लगे। इस दौरान 166 बैठकें हुईं।
संविधान के महत्वपूर्ण तथ्य:
- भारतीय संविधान दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान है।
- प्रारंभ में इसमें 395 अनुच्छेद, 22 भाग, और 12 अनुसूचियां थीं।
- इसे प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने अंग्रेजी और हिंदी में हस्तलिखित किया।
- संविधान की कला शांतिनिकेतन के कलाकार नंदलाल बोस द्वारा बनाई गई।
संविधान का महत्व
भारतीय संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह देश की आत्मा है। इसमें न्याय, स्वतंत्रता, समानता, और बंधुत्व जैसे महत्वपूर्ण सिद्धांतों को शामिल किया गया है। संविधान दिवस उन महान नेताओं और विचारकों को श्रद्धांजलि देने का दिन है, जिन्होंने हमारे देश को लोकतांत्रिक बनाने के लिए कड़ी मेहनत की।
संविधान के मुख्य उद्देश्य:
- न्याय: हर व्यक्ति को समान न्याय दिलाना।
- स्वतंत्रता: अपने विचार, धर्म और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता।
- समानता: सभी नागरिकों को समान अधिकार।
- बंधुत्व: भाईचारे की भावना को बढ़ावा देना।
26 नवंबर को क्यों चुना गया?
26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान को अपनाया गया। इसे लागू करने के लिए 26 जनवरी 1950 की तारीख चुनी गई, क्योंकि यह पूर्ण स्वराज दिवस की सालगिरह थी। इस बीच के समय का उपयोग संविधान का हिंदी में अनुवाद करने और इसे जनता तक पहुंचाने में किया गया।
संविधान दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य:
- डॉ. अंबेडकर और संविधान निर्माताओं के योगदान को याद करना।
- संविधान की आत्मा और मूल्यों को समझना।
- युवा पीढ़ी को इसके महत्व के प्रति जागरूक करना।
संविधान से जुड़े रोचक तथ्य
- संविधान के मसौदे को बनाने वाली प्रारूप समिति की अध्यक्षता डॉ. अंबेडकर ने की।
- 42वें संशोधन (1976) के तहत 10 मूल कर्तव्यों को जोड़ा गया।
- 2002 में ग्यारहवां कर्तव्य शामिल किया गया।
- संविधान की मूल प्रति आज भी संसद पुस्तकालय में संरक्षित है।












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