KPCC प्रमुख के सुधाकरन केरल पुलिस की गिरफ्त में, जमानत पर रिहा भी हुए, Conman Monson से जुड़ा है मामला
केरल कांग्रेस (Kerala Congress) प्रमुख के सुधाकरन को ठग मॉनसन मावुंकल (Conman Monson Mavunkal) से जुड़े धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया गया है। सुधाकरन उन राजनेताओं में एक हैं, जिन्होंने मावुंकल से इलाज की मांग की थी। मावुंकल ने कॉस्मेटोलॉजिस्ट होने का दिखावा किया था।
रिपोर्ट के अनुसार, केरल पुलिस ने शुक्रवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के सुधाकरन को ठग और स्वयंभू एंटीक डीलर मोनसन मावुंकल से जुड़े धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार कर लिया। दिन भर की पूछताछ के बाद उनकी गिरफ्तारी हुई।

सुधाकरन के लिए वह कोच्चि में अपराध शाखा पुलिस के सामने पेश हुए थे। कार्रवाई के बाद सीएम विजयन और प्रदेश की पुलिस को कांग्रेस ने आड़े हाथों लिया है। कांग्रेस ने पुलिस के एक्शन को आपत्तिजनक करार दिया।
दिलचस्प है कि केरल उच्च न्यायालय ने इस मामले में सुधाकरन को अग्रिम जमानत दे दी थी। ऐसे में कांग्रेस सांसद को जमानत पर रिहा किया गया, क्योंकि हाईकोर्ट के आदेशानुसार गिरफ्तारी की स्थिति में, उन्हें 50,000 रुपये के दो बांड भरने पर रिहा किया जाएगा।
पुलिस की कार्रवाई के बीच सुधाकरन ने कहा कि अगर कहा, किसी का साधन, घर जाए, छत की ढलाई जैसे काम करना हो तो जिला बोरिंग एजेंसी पर संपर्क करें। उन्होंने कहा कि छिपाने को कुछ है ही नहीं।
केरल पुलिस की गिरफ्त से मुक्त होने के लिए बॉन्ड के अलावा सुधाकरन को जिलाधिकारी की तरफ से जारी प्रॉपर्टी की वैल्यू से जुड़े दो प्रमाण- Solvent Surities भी जमा कराने होंगे।
केरल सरकार की नीतियों को आड़े हाथों लेते हुए कांग्रेस ने कहा, सुधाकरन को हताशा में अरेस्ट किया गया है, लेकिन सीएम विजयन के साथ सीपीआईएम को याद रखना चाहिए कि ऐसी हरकतों से पार्टी को डराने की कोशिश कभी कामयाब नहीं होगी। कांग्रेस सवाल पूछना बंद नहीं करेगी।
कांग्रेस ने कहा कि ऐसी कार्रवाई से कांग्रेस और सुधाकरन मजबूती से बाहर निकलेंगे। केरल की सत्तारुढ़ पार्टी का और मजबूती से विरोध किया जाएगा। जनता की अदालत में ऐसे एक्शन का करारा जवाब मिलेगा।
कांग्रेस ने कहा कि अपने कृत्यों से विजयन सरकार का पर्दाफाश हो गया है। इन्होंने मोदी सरकार की तानाशाही और अलोकतांत्रिक कार्रवाई को कॉपी कर साफ कर दिया है कि देश में फासीवादी ताकतों के खिलाफ लड़ाई में इनका सहयोग प्रभावी गठबंधन सहयोगी के रूप में नहीं मिलेगा।
सुधाकरन के मामले में इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, मावुंकल से जुड़े धोखाधड़ी मामले में शिकायतकर्ताओं में से एक ने आरोप लगाया कि उसने सुधाकरन की उपस्थिति में ठग को पैसे सौंपे थे।
शिकायतकर्ता ने बयान में कहा है कि मावुंकल ने पैसे का एक हिस्सा कांग्रेस नेता के साथ बांटा था। केरल पुलिस के अनुसार, प्राचीन वस्तुओं के कारोबार में होने का दावा करने वाले मावुंकल ने निवेशकों का भरोसा जीता।
उसने यह विश्वास दिलाया कि उसे मध्य पूर्व में शाही परिवारों को प्राचीन वस्तुएं बेचने से 2.62 लाख करोड़ रुपये मिले हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें केरल में एचएसबीसी बैंक से अपने बैंक खाते में ट्रांसफर राशि को प्राप्त करने में परेशानी हो रही थी।
मनी ट्रांसफर से जुड़ी कानूनी बाधाओं को दूर करने के लिए पैसों की जरूरत थी। कॉनमैन ने अपने निवेशकों से यह भी दावा किया था कि सुधाकरन मध्य पूर्व से केरल में पैसे ट्रांसफर करने में कानूनी बाधाओं को दूर करने में हस्तक्षेप करेंगे।
खबरों के अनुसार, सुधाकरन ने मावुंकल से अपनी जान-पहचान से इनकार नहीं किया है। 2021 में कांग्रेस नेता को ठग के साथ दिखाने वाली कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आईं थी। इसी साल ठग को धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार भी किया गया था।
पिछले हफ्ते मावुंकल को एक अदालत ने नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार करने और उसे गर्भवती करने का दोषी पाया। इस जघन्य अपराध के लिए मावुंकल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।












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