अडानी ग्रुप पर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद BJP पर हमलवार कांग्रेस, RBI-SEBI से जांच की मांग
कांग्रेस ने बीजेपी पर निशान साधते हुए अडानी समूह पर हिंडनबर्ग रिपोर्ट की रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया-SEBI से जांच कराने की मांग की। जयराम रमेश ने कहा कि जनहित में इसकी गहन जांच होनी चाहिए।

Hindenburg report on Adani Group: अमेरिका के हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट ने अडानी ग्रुप को हिलाकर रख दिया है। अडानी समूह के शेयरों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। कंडीशन ये आ गई कि अडाणी ग्रुप के शेयर 20 फीसदी तक लुढ़क गए हैं। फॉरेंसिक फाइनेशियल रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग के बाद अब कांग्रेस ने भी कई सवाल दागते हुए RBI-SEBI से जांच की मांग की है। हालांकि ग्रुप ने पहले ही इस रिपोर्ट का खंडन किया है।
कांग्रेस ने शुक्रवार को अडानी ग्रुप को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए रिसर्च फर्म की ओर से लगाए गए आरोपों की 'गंभीर जांच' की मांग की है। साथ ही सवाल दागते हुए पूछा कि क्या यह अवैधताओं के प्रति "आंखें मूंद" रही है। एक ऐसे समूह की, जिसकी पहचान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हैं। कांग्रेस के संचार महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि अडाणी ग्रुप की फॉरेन्सिक रिपोर्ट की SEBI और भारतीय रिजर्व बैंक जैसे निकायों की तरफ से गंभीर जांच की जरूरत है, क्योंकि उन्हीं पर भारतीय फाइनेंशियल सिस्टम की स्थिरता और सुरक्षा की जिम्मेदारी है।
कांग्रेस नेता ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, "हिंडनबर्ग ने अडानी ग्रुप की कड़वी सच्चाई बताते हुए एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें कुछ गंभीर खुलासे किए गए हैं। इस विषय पर मेरा बयान। जनहित में इसकी गहन जांच होनी चाहिए।" पार्टी महासचिव ने यह भी दावा किया कि इस ग्रुप और पीएम नरेन्द्र मोदी के बीच नजदीकी रिश्ते हैं और इसे इसका फायदा हुआ है।
उन्होंने अपने बयान में कहा, 'सामान्य परिस्थितियों में एक राजनीतिक दल को किसी निजी कंपनी या कारोबारी समूह के बारे में आई किसी स्टडी रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया नहीं करनी चाहिए, लेकिन हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा अडानी समूह के संबंध में किए गए फॉरेँसिक अध्ययन पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया देना बनता है, ऐसा इसलिए कि क्योंकि अडानी समूह कोई साधारण समूह नहीं है। इस ग्रुप के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ सर्वविदित रिश्ते तब से हैं, जब से गुजरात के मुख्यमंत्री हुआ करते थे।












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