'प्रोजेक्ट चीता' का क्रेडिट लिया कांग्रेस ने, कहा- मनमोहन सिंह ने दी थी प्रस्ताव को मंजूरी
नई दिल्ली, सितंबर 16। 'प्रोजेक्ट चीता' को लेकर कांग्रेस पार्टी की ओर से बड़ा दावा किया गया है। दरअसल, कांग्रेस ने 'प्रोजेक्ट चीता' का श्रेय खुद को दिया है। शुक्रवार को पार्टी के ट्विटर हैंडल से एक पोस्ट के जरिए कहा गया कि जिस कांग्रेस पार्टी ने ही 2009-2009 में इसके प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। कांग्रेस ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में ही इस प्रोजेक्ट की नींव रखी गई थी।

क्या कहा है कांग्रेस ने?
कांग्रेस की पोस्ट में कहा गया है, "प्रोजेक्ट चीता का प्रस्ताव 2008-09 में तैयार हुआ। मनमोहन सिंह जी की सरकार ने इसे स्वीकृति दी। अप्रैल 2010 में तत्कालीन वन एवं पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश जी अफ्रीका के चीता आउट रीच सेंटर गए थे। 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने प्रोजेक्ट पर रोक लगाई, 2020 में रोक हटी। अब चीते आएंगे।"
क्या है प्रोजेक्ट चीता?
आपको बता दें कि 'प्रोजेक्ट चीता' के तहत 17 सितंबर यानि कि कल 8 चीते भारत लाए जाएंगे। इनमें पांच मादा और तीन नर चीते शामिल हैं। यह जीते विशेष विमान के जरिए नमीबिया से 20 घंटे के सफर के बाद भारत लाए जाएंगे और इन्हें पीएम मोदी मध्य प्रदेश के श्योपुर में स्थित कूनो नेशनल पार्क में छोड़ेंगे। आपको बता दें कि भारत में चीते की प्रजाति को 1952 में ही विलुप्त घोषित कर दिया गया था। ऐसे में करीब 70 साल के बाद चीते की प्रजाति भारत में नजर आएगी।
दुनिया का सबसे तेज जानवर है चीता
आपको बता दें कि 70 साल पहले तक भारत के जंगलों में चीते घूमते हुए दिखाई देते थे। इन्हें नवपाषाण काल के गुफा चित्रों, मुगल और ब्रिटिश युग के दौरान लिखी गई पत्रिकाओं में देखा जा सकता है, लेकिन अब भारतीय जंगलों में चीते ढूंढने से भी नहीं मिलते हैं। 1952 में ही इस प्रजाति को विलुप्ट घोषित कर दिया गया था। आपको बता दें कि चीता दुनिया का सबसे तेज जानवर, जो 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकता है और गोलियों तक को मात दे सकता है।












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