किरेन रिजिजू की तवांग की तस्वीर पर कांग्रेस नेता ने खड़ा किया सवाल, कहा- गजब फर्जीवाड़ा है

भारत और चीन के जवानों के बीच जिस तरह से 9 दिसंबर को झड़प की खबर सामने आई उसके बाद देश के भीतर राजनीतिक बयानबाजियों का दौर तेज हो गया है। एक तरफ केंद्र सरकार जहां यह कह रही है कि चीन के सैनिकों को मुंहतोड़ जवाब दिया गया है तो दूसरी तरफ कांग्रेस सरकार पर हमलावर है और कह रही है कि देश से चीन की चुनौती को छिपाया जा रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने तो यहां तक कह दिया कि चीन युद्ध की तैयारी कर रहा है। यही नहीं राहुल गांधी ने कहा था कि चीनी सैनिक हमारे जवानों को पीट रहे हैं। राहुल गांधी के इस बयान पर केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने आलोचना की थी।
किरेन रिजिजू ने राहुल पर साधा था निशाना
किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी ना सिर्फ भारतीय सेना का अपमान कर रहे हैं बल्कि देश की छवि भी खराब कर रहे हैं। वह ना सिर्फ कांग्रेस पार्टी के लिए समस्या हैं बल्कि अब देश के लिए शर्मिंदगी का विषय बन गए हैं। हमे अपनी देश की सेना पर गर्व है। किरेन रिजिजू ने अपनी एक तस्वीर भारतीय सेना के जवानों के साथ की ट्विटर पर शेयर की है। जिसमे उन्होंने लिखा यांग्से इलाका, तवांग, अरुणाचल प्रदेश में, पूरी तरह से सुरक्षित है क्योंकि यहां पर भारतीय सेना के बहादुर जवानों की तैनाती है। किरेन रिजिजू की इस तस्वीर को मीडिया ने यह कहते हुए साझा किया कि किरेन रिजिजू ने हाल ही में तवांग का दौरा किया है। लेकिन कांग्रेस ने इस तस्वीर पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जयराम रमेश ने भी खड़ा किया सवाल
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इस तस्वीर पर टिप्पणी करते हुए किरेन रिजिजू की एक पुरानी तस्वीर को शेयर किया है। जयराम रमेश ने किरेन रिजिजू की तीन साल पहले की तस्वीर को शेयर किया है। जिसमे उन्होंने लिखा कि अगर मैं याद कर पा रहा हूं तो यही तस्वीर तीन साल पहले भी शेयर की गई थी। जयराम रमेश ने किरेन रिजिजू के ही तीन साल पुराने ट्वीटर को शेयर किया है। यह तस्वीर 29 अक्टूबर 2019 की है।
एन श्रीनिवास ने शेयर की दोनों तस्वीर
कांग्रेस नेता श्रीनिवास ने भी दोनों ही तस्वीरों को ट्विटर पर शेयर किया है। दोनों तस्वीर को शेयर करते हुए श्रीनिवास ने लिखा, वो कहते हैं ना कि इतिहास खुद को दोहराता है। रिजिजू जी ने तो इसे काफी गंभीरता से ले लिया लगता है। दोनों तस्वीरों को शेयर करते हुए उन्होंने लिखा कि इसमे अंतर ढूंढिए। तस्वीर वही, दावा वही, बस साल बदल गया..2019 की तस्वीर का इस्तमाल कर 2022 में सीमाओं की सुरक्षा का भरोसा दिलाया जा रहा है। गजब फर्जीवाड़ा है। अहम बात यह है कि किरेन रिजिजू ने आज जो तस्वीर शेयर की है उसमे यह दावा नहीं किया है कि यह तस्वीर आज की है।












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