राजस्थान चुनाव: कांग्रेस जीती तो कौन बनेगा सीएम? राहुल गांधी ने उठा दिया पर्दा
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 को कांग्रेस बड़े मौके के तौर पर देख रही है। 2019 लोकसभा चुनाव ठीक पहले होने जा रहे इन विधानसभा चुनावों में बीजेपी की बेहद कठिन परीक्षा होनी है, क्योंकि तीनों राज्यों में सत्ता उसी के पास है। दूसरी ओर कांग्रेस है, जिसे तीनों राज्यों के विधानसभा चुनाव में अग्निपरीक्षा से गुजरना है, क्योंकि 2014 के बाद से उसके खाते में इतनी हार आई हैं कि क्षेत्रीय दल भी उसे अब आंख दिखाने लगे हैं। तीनों राज्यों- मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ को लेकर हाल में कई चैनलों के जो सर्वे रिजल्ट सामने आए हैं, वे कांग्रेस के लिए अच्छा संकेत तो दे रहे हैं, लेकिन बढ़ अब भी बीजेपी के पास ही है। इन तीनों राज्यों में केवल राजस्थान ऐसा प्रदेश है, जहां कांग्रेस का हाथ सबसे मजबूत दिख रहा है। राजस्थान में हर पांच साल बाद सरकार बदलने का चुनावी ट्रेंड और चुनावी सर्वे दोनों कांग्रेस के पक्ष में माहौल बना रहे हैं। यह अच्छा संकेत है, लेकिन इसी अच्छे संकेत के चलते पार्टी में गुटबाजी भी चरम पर है। रेस लगी है अगला सीएम कौन होगा? कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद से साए की तरह राहुल गांधी के साथ नजर आने वाले अशोक गहलोत या राहुल गांधी की युवा मंडली के मजबूत साथी सचिन पायलट? ज्योतिषियों की भविष्यवाणी से लेकर राजनीतिक पंडितों के अनुमान तक अलग-अलग तरह के दावे सामने आ रहे हैं। दूसरी ओर कयासों के इस दौर में खुद राहुल गांधी ने अटकलों के बाजार को और गर्म कर दिया है।

अगले सीएम के सवाल पर एक प्रकार से पर्दा ही उठा गए राहुल गांधी
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने हाल में राजस्थान में कई रैलियां कीं। इस दौरान वह मोदी सरकार पर जमकर बरसे, लेकिन कांग्रेस पार्टी के पुराने नेताओं को भी कोसने में पीछे नहीं रहे। राहुल गांधी ने राजस्थान की जनता को संबोधित करते हुए पुरानी कांग्रेस सरकारों ने न तो जनता की आवाज सुनी और न ही कार्यकर्ता की, लेकिन आने वाली कांग्रेस सरकार जनता और कार्यकर्ता दोनों की बात सुनेगी। अब यहां गौर करने वाली बात यह है कि राजस्थान में कांग्रेस की पिछली दो सरकारें 1998-2003 और 2008-2013 में अशोक गहलोत ही सीएम थे। ऐसे में राहुल गांधी के बयान से स्पष्ट है कि अगर राजस्थान में कांग्रेस जीती तो सचिन पायलट ही सीएम बनेंगे।

गुटबाजी के चलते कांग्रेस ने घोषित नहीं किया सीएम उम्मीदवार
कांग्रेस प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवारों की घोषणा को लेकर कभी एक पॉलिसी पर चलती दिखाई नहीं देती। कई राज्यों में कई बार वह चुनाव पूर्व सीएम उम्मीदवार घोषित करती रही है, लेकिन कई राज्यों में उसने नहीं किया। जहां तक राजस्थान की बात है तो यहां बीते कई चुनावों में सीएम कैंडिडेट अशोक गहलोत ही थे, लेकिन इस बार किसी नेता का नाम घोषित नहीं किया गया। इसके पीछे बड़ा कारण है भितरघात से बचना। पार्टी नेतृत्व का डर था कि अगर अशोक गहलोत का नाम घोषित किया तो पायलट खेमा पार्टी की हार के लिए काम करने में जुट जाएगा और अगर पायलट का नाम घोषित किया तो गहलोत खेमा भितरघात कर सकता है।

एकजुट कांग्रेस की तस्वीर दिखाने की कोशिश
कांग्रेस ने राजस्थान में गुटबाजी के चलते भले ही सीएम कैंडिडेट का नाम घोषित न किया हो, लेकिन चुनौतियां अब भी कम नहीं है। सबसे बड़ी चुनौती है जीत के प्रति आश्वस्त होना। राजस्थान कांग्रेस में नेताओं को लग रहा है कि यहां तो बीजेपी का जाना तय है। यही कारण है कि महत्वाकांक्षाएं अब हिलोरे मार रही हैं। कांग्रेस ने इससे बचने के लिए कई अहम कदम उठाएं हैं। इनमें सबसे अहम है संभाग स्तर पर संकल्प रैलियों का आयोजन। इन रैलियों में कांग्रेस के सभी बड़े नेताओं को एक ही बस में बिठाकर ले जाया जा रहा है। मतलब जनता और मीडिया दोनों को स्पष्ट संकेत देने का प्रयास है कि पार्टी में सब एकजुट हैं। अशोक गहलोत, सचिन पायलट, सीपी जोशी सभी एक साथ भ्रमण कर रहे हैं।












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