Odisha Train Accident: 'कवच' को लेकर कांग्रेस का हमला, कहा- ये यात्रियों की नहीं पीएम मोदी की सुरक्षा कर रहा
Odisha Balasore Train Accident: रविवार को कांग्रेस ने मीडिया से बात करते हुए ओडिशा ट्रेन हादसे पर मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। पवन खेड़ा ने पूछा कि क्या शास्त्री जी की तरह कोई देगा इस्तीफा?

Odisha Balasore Train Accident: ओडिशा के बालासोर जिले में शुक्रवार रात को हुए ट्रेन हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में 275 लोगों की जान चली गई, जबकि घायलों की संख्या 1175 है। एक तरफ जहां घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है, तो दूसरी तरफ विपक्ष ने हादसे के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है।
'किसी की जिम्मेदारी अभी तक तय नहीं'
रविवार को दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी नेताओं ने ट्रेन हादसे हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर संवेदनहीन होने का आरोप लगाया। पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हादसे में सैकड़ों लोगों की मौत हो गई, लेकिन किसी की जिम्मेदारी अभी तक तय नहीं की गई है।
'पीएम मोदी के पास एक 'कवच', जो...'
पवन खेड़ा रेलवे सुरक्षा सिस्टम कवच के बहाने पीएम मोदी पर तंज कसा। खेड़ा ने कहा कि पीएम मोदी के पास एक 'कवच' है, जो उन्हें सभी सार्वजनिक जांच और टेलीविजन बहस से बचाता है, लेकिन यह देश के लोगों की रक्षा नहीं करता है। खेड़ा ने कहा कि किसी अन्य पीएम के पास ऐसी ढाल नहीं थी। एक समय था जब लाल बहादुर शास्त्री, माधवराव सिंधिया और नीतीश कुमार जैसे लोगों ने दुर्घटनाओं के बाद इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफे का मतलब नैतिक जिम्मेदारी लेना है। लेकिन यहां न तो जिम्मेदारी है और न ही नैतिकता।
कांग्रेस ने मांगा रेल मंत्री का इस्तीफा
खेड़ा ने आगे कहा, "हमें नहीं पता कि हम किससे इस्तीफा मांगें। वह व्यक्ति जो छोटी ट्रेनों का उद्घाटन करने के लिए छोटे स्टेशनों पर भी जाता है या वह जो कल सुबह से प्रचार में व्यस्त है। पीएम मोदी जी, आप तय करें कि आप किसका इस्तीफा चाहते हैं। क्योंकि अब देश उम्मीद करता है कि जिस तरह से लाल बहादुर शास्त्री, नीतीश कुमार ने इस्तीफा दिया है, उसी तरह आप अपने रेल मंत्री का इस्तीफा मांगें।"
रेल हादसों पर कांग्रेस ने दिखाई CAG की रिपोर्ट
पवन खेड़ा ने स्पष्ट किया कि "हम हाई-स्पीड ट्रेनों के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन जनरल कोचों की स्थिति देखें। वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर आप क्या साबित करना चाहते हैं? उन्होंने आगे कहा कि CAG की रिपोर्ट बताती है कि 2017 से 2021 के बीच ट्रेन के पटरी से उतरने की 1,127 घटनाएं हुई हैं। मोदी सरकार में ट्रैक की मरम्मत/नवीनीकरण का बजट हर साल कम होता जा रहा है। यही नहीं... जो बजट है उसका इस्तेमाल नहीं हो रहा है। हम हाई-स्पीड ट्रेन के खिलाफ नहीं हैं लेकिन 10-15 चमकती ट्रेन दिखाकर आप पूरा ढांचा खोखला कर देंगे, ये मंजूर नहीं है।












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