2019 में गठबंधन को लेकर कांग्रेस की खास रणनीति, सोनिया के चुनाव लड़ने पर सस्पेंस!
नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी ने 2019 में उत्तर प्रदेश में गठबंधन में चुनाव लड़ने पर विचार कर रही है। पार्टी चाहती है कि 2019 के लिए एक मजबूत गठबंधन तैयार किया जाए ताकि भाजपा को हराया जा सके। इसको लेकर बैठकों का दौर जारी है। यूपी में जहां पार्टी गठबंधन की कोशिश में है वहीं महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ जाने से इंकार किया है। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान के विधानसभा में किसी को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाने से पार्टी ने इंकार किया है।

अमेठी से ही लड़ेंगे राहुल, सोनिया पर फैसला नहीं
पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी एक बार फिर अमेठी से चुनाव लड़ेंगे लेकिन सोनिया गांधी का स्वास्थ्य खराब होने के चलते रायबरेली से इस बार उनकी जगह प्रियंका गांधी के आने की अटकले हैं। कहा जा रहा है कि इस बार सोनिया रायबरेली से चुनाव नहीं लड़ेंगी। हालांकि पार्टी की तरफ से अभी साफ नहीं हुआ है कि रायबरेली से 2019 में चुनाव कौन लड़ेगा।

चुनाव से पहले सीएम, पीएम पर फैसला नहीं
सूत्रों की मानें तो पार्टी ने चुनाव से पहले विपक्ष के पीएम कैंडिडेट के नाम ना लाने का फैसला किया है। पीएम का फैसला 2019 के चुनाव के नतीजों के बाद किया जाएगा। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले बेहद अहम माने जा रहे छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान के विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस ने किसी तो पार्टी के तरफ से सीएम पद का चेहरा ना बनाने फैसला किया है। सभी राज्यों में नतीजों के बाद ही सीएम के नाम पर फैसला करने की बात कही गई है।

शिवसेना के साथ गठबंधन नहीं
पार्टी की ओर से कांग्रेस और शिवसेना के बीच गठबंधन की अटकलों को भी खारिज किया गया है। बीते कुछ समय से शिवसेना की भाजपा के साथ तनातनी और हाल ही में राहुल गांधी के उद्धव ठाकरे को जन्मदिन की बधाई दिए जाने के बाद इस तरह की चर्चाएं थीं कि शिवसेना और कांग्रेस साथ आ सकते हैं। कांग्रेस पार्टी की ओर से साफ किया गया है कि शिवसेना से उसकी विचारधारा काफी अलग है, ऐसे में ये गठबंधन संभव नहीं है।












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