Congress National Convention: क्या नए संकल्प के साथ कांग्रेस करेगी वापसी? जानें गुजरात अधिवेशन की प्रमुख बातें
Congress National Convention: 64 साल बाद 8 अप्रैल 2025 को जब कांग्रेस ने गुजरात के अहमदाबाद में अपना दो दिवसीय अधिवेशन किया तब पार्टी के लिए एक नए सवेरे की उम्मीद सी दिखने लगी। कांग्रेस ने साबरमती के किनारे पार्टी कार्यकर्ताओं को नई पारी खेलने और मैदान में हाई जोश के साथ उतरने के लिए प्रेरित किया।
दूसरे दिन साबरमती रिवरफ्रंट पर कांग्रेस ने देश भर से 1700 से अधिक कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधि के सामने हुंकार भरी। अधिवेशन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल मौजूद हैं, लेकिन प्रियंका गांधी नहीं पहुंचीं। इस दौरान अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी और जातिगत जनगणना इन मुद्दों को फ्रेम में रखा गया।

Congress National Convention: नए मंत्र से कांग्रेस करेगी वापसी?
अधिवेशन के दूसरे दिन राहुल गांधी ने साबरमती के तट से तीन दशक से देश की राजनीति में कहीं खो सी गई कांग्रेस को उभारने के लिए पार्टी नेताओं को कई मंत्र दिए। कांग्रेस के इस अधिवेशन से स्पष्ट है कि ये सिर्फ एक औपचारिकता नहीं थी बल्कि पार्टी मैदान में अपनी पारी खेलने के लिए बड़ी रणनीति तय कर रही है। इस दौरान गुजरात में पार्टी की स्थिति को मजबूत करने पर जोर दिया गया और 2027 विधानसभा चुनाव के लिए रोडमैप तैयार करने पर भी चर्चा की गई।
दरअसल, पिछले कई सालों से गुजरात देश का राजनीतिक केंद्र बना हुआ है। राहुल गांधी गुजरात से बीजेपी को कई मुद्दों पर घेरने की कोशिश की उन्होंने भाजपा के 30 साल के शासन को भ्रष्ट करार दिया। उन्होंने वक्फ बिल पर भाजपा को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि वक्फ संशोधन बिल फ्रीडम ऑफ रिलीजन और संविधान पर आक्रमण है। RSS के मुखपत्र ऑर्गनाइजर में लिखते हैं कि क्रिश्चियंस पर आक्रमण करने जा रहे हैं। ये एंटी-रिलीजन बिल है। ये देश के सभी लोगों को मालूम होना चाहिए।
Congress National Convention: गुजरात में OBC पर फोकस, कितना फायदा?
गुजरात में कांग्रेस पार्टी के अधिवेशन के दौरान राहुल गांधी ने भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए एक बार फिर OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) कार्ड खेला। उन्होंने जातीय जनगणना और सामाजिक न्याय के मुद्दे को केंद्र में रखकर भाजपा सरकार पर सवाल उठाए, साथ ही कांग्रेस की नीतियों को 'समावेशी और संवेदनशील' करार दिया।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि कांग्रेस अब स्पष्ट रूप से OBC वोट बैंक को साधने की रणनीति पर चल रही है। राहुल गांधी ने हाल के महीनों में लगातार OBC और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दे उठाए हैं, और गुजरात जैसे राज्य में यह रणनीति कांग्रेस के लिए निर्णायक साबित हो सकती है, जहां भाजपा पिछले दो दशकों से मजबूत स्थिति में है।
OBC को लेकर राहुल गांधी का तीखा वार
राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा, "देश के 50% से अधिक लोग OBC समुदाय से आते हैं, लेकिन संसद और सरकारी संस्थानों में उनकी भागीदारी बहुत कम है। भाजपा सिर्फ वोट लेने के वक्त OBC की बात करती है, असल में उनके लिए कुछ नहीं करती।"
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि जातीय जनगणना कराई जाए ताकि सभी जातियों को उनकी संख्या के अनुसार प्रतिनिधित्व और संसाधनों में भागीदारी मिल सके। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जानबूझकर जातीय आंकड़ों को सामने नहीं ला रही है, क्योंकि इससे "सच्चाई बेनकाब हो जाएगी।"
बता दें कि गुजरात में OBC समुदाय का राजनीतिक प्रभाव अहम रहा है। कांग्रेस को उम्मीद है कि सामाजिक न्याय की बात करके वह भाजपा के मजबूत गढ़ में अपनी पैठ बना सकती है। राहुल गांधी ने पटेल, ठाकोर, चौधरी, कोली और अन्य पिछड़े वर्गों की समस्याओं को उठाते हुए कहा कि कांग्रेस सत्ता में आने पर सामाजिक और आर्थिक बराबरी सुनिश्चित करेगी।
Congress National Convention: कांग्रेस का दलित कार्ड
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने फिर जाति जनगणना का मुद्दा उठाया उन्होंने कहा कि सभी को पता होना चाहिए कि देश में कितने दलित, पिछड़े, आदिवासी, अल्पसंख्यक और गरीब सामान्य वर्ग के लोग हैं। यह भी पता लगाना चाहिए कि देश में किसकी कितनी भागीदारी है। हुल गांधी ने कहा कि हम दलित, मुस्लिम और ब्राह्मण में उलझे रहे और ओबीसी हमारा साथ छोड़ गया।
इस अधिवेशन में विपक्ष के दलित नेता टीका राम जुली मामले पर भी बीजेपी को घेरा। कांग्रेस ने टीका राम जुली के मंदिर जाने के बाद गंगाजल से धोने की घटना को शर्मनाक बताते हुए भाजपा को दलित विरोधी मानसिकता वाली पार्टी करार दिया। BJP को आड़े हाथ लेते हुए खरगे ने कहा कि गांधी-पटेल की विचारधारा वाली कांग्रेस सदियों से भेदभाव को खत्म करने की कोशिश करती आई है।
Congress National Convention: राष्ट्रवाद पर लड़ाई
राहुल गांधी ने आने वाले समय में बदलाव की उम्मीद दिखाई और कहा कि लोगों का मूड दिख रहा है। विचारधारा की लड़ाई है। हमारी गांधीजी की विचारधारा है। RSS की विचारधारा में क्या फर्क है? हमारी और उनके विचारधारा में फर्क है। संविधान हमारी विचारधारा है। इसमें बुद्ध, कबीर, गुरुनानक, बासव की विचारधारा है। आज इस पर आक्रमण हो रहा है।
अहमदाबाद में हुए अधिवेशन के दूसरे दिन राष्ट्रवाद पर अपना प्रस्ताव रखा जिससे ये स्पष्ट संदेश दिया की अब कांग्रेस इस मुद्दे पर मुखर होकर बीजेपी का शिकस्त देगी। पार्टी ने अपना न्याय पथ प्रस्ताव करते हुए राष्ट्रवाद पर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। अपने प्रस्ताव में राष्ट्रवाद को परिभाषित करते हुए कहा कि यह केवल भौगोलिक अंखंडता का प्रतिक नहीं बल्कि सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक सशक्तीकरण का प्रतिक है। कांग्रेस का राष्ट्रवाद समाज को जोड़ने, विविधता और एकता को बढ़वा देने का है।
Congress National Convention: कांग्रेस में निष्क्रिय नेता होंगे रिटायर
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कांग्रेस नेताओं से कहा कि जो लोग पार्टी की मदद नहीं कर सकते उन्हें अब आराम करने की जरूरत है जो लोग अपनी जिम्मेदारियां पूरी नहीं करते उन्हें रिटायर हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष की भूमिका बढ़ाई जाएगी और उनकी नियुक्ति एआईसीसी के निर्देश पर होगी।
इससे पहले राहुल गांधी ने भी कहा था कि गुजरात कांग्रेस में दो तरह के लोग हैं एक वे जो दिल और ईमानदारी से कांग्रेस के लिए लड़ते हैं और जनता से जुड़े हुए हैं। दूसरे वे हैं, जिनका जनता से संपर्क टूट चुका है और बीजेपी के साथ मिले हुए हैं। अगर जरूरत पड़े तो ऐसे पांच से 25 नेताओं को कांग्रेस से निकाल देना चाहिए।












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