Video: ‘जानवर को पसंद नहीं करती ये सरकार’, रेणुका चौधरी के कुत्ता लेकर संसद पहुंचने पर इतना हंगामा क्यों?
Parliament Winter Session 2025 (Congress MP Renuka Chowdhury): संसद के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन 01 दिसंबर एक ऐसा वाकया हुआ जिसने राजनीतिक माहौल और गरमा दिया। कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी अपनी कार में एक छोटे से कुत्ते के पिल्ले को लेकर संसद पहुंचीं और इसी बात पर तूफान खड़ा हो गया।
बीजेपी ने तुरंत इसे नियमों का उल्लंघन बताते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग कर दी। सोशल मीडिया से लेकर संसद परिसर तक इस बात पर बहस छिड़ गई कि क्या किसी सांसद को अपने पालतू जानवर को संसद तक लाने की इजाजत है या नहीं।

🟡 'गूंगा जानवर था... काटने वाले तो संसद के अंदर बैठे हैं' - रेणुका का पलटवार
रेणुका चौधरी ने विवाद पर तीखा जवाब दिया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आखिर इसमें समस्या क्या है। उन्होंने कहा, "गूंगा जानवर अंदर आ गया तो क्या तकलीफ है। इतना छोटा सा तो है। ये काटने वाला नहीं है, काटने वाले तो और हैं पार्लियामेंट के अंदर।"
रेणुका चौधरी ने मीडिया को बयान देते हुए कहा कि जानवरों को पसंद नहीं करती है ना ये सरकार? गूंगा जानवर गाड़ी में आया और चला गया, तो इनको क्या तकलीफ है? काटने वाले तो संसद के अंदर बैठे हैं, ये काटने वाला नहीं है।''
रेणुका चौधरी का कहना है कि वह रास्ते में थीं तभी एक स्कूटर और कार की टक्कर हुई और वही पिल्ला सड़क पर भटक रहा था। उन्हें लगा कि कहीं उसे चोट न लग जाए तो वह उसे कार में लेकर संसद तक आईं और तुरंत वापस भेज दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस कुत्ते को उन्होंने सुरक्षित रखने के लिए कुछ देर उठाया, वही अब राष्ट्रीय बहस का मुद्दा बन गया है। उन्होंने कहा, "हम एक बेजुबान जानवर की देखभाल करते हैं और ये सरकार कहती है कि ये बड़ा मुद्दा है। असली काटने वाले तो संसद में बैठे हैं जो रोज हमें काटते हैं।"
🟡 बीजेपी का आरोप - 'लोकतंत्र का अपमान, कार्रवाई होनी चाहिए'
बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने इसे सीधा-सीधा विशेषाधिकारों का दुरुपयोग बताया। उन्होंने कहा कि संसद देश की नीतियों पर गंभीर चर्चा का स्थान है, न कि पालतू जानवर लाने की जगह। उनका कहना था कि इस हरकत से संसद की गरिमा को ठेस पहुंची है और रेणुका के खिलाफ कदम उठाया जाना चाहिए।
बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि "कांग्रेस को ड्रामा चाहिए, डिलीवरी नहीं।" उन्होंने आरोप लगाया कि रेणुका चौधरी ने सांसदों की तुलना 'काटने वाले कुत्तों' से करके संसद और उसके कर्मचारियों का अपमान किया है।
🟡 'जानवरों से दिक्कत है सरकार को?' - मोदी के बयान पर भी बोलीं रेणुका
रेणुका चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह सरकार खुद तय करे कि आखिर उन्हें जानवरों से दिक्कत क्या है। उन्होंने तंज कसा कि सत्र को 30 दिनों से घटाकर 15 दिन कर दिया गया, क्योंकि सरकार डरी हुई है कि विपक्ष कौन-से मुद्दे उठाएगा।
पीएम मोदी के 'ड्रामा' वाले बयान पर भी उन्होंने पलटवार किया। उन्होंने कहा, "ड्रामा मास्टर तो वो खुद हैं। हमें तो उनसे ही सीखना पड़ेगा कि कब और कैसे ड्रामा करना है। हम जमीन से जुड़े लोग हैं, दिल से काम करते हैं।" उन्होंने कहा कि अब प्रधानमंत्री 'साइकोलॉजिस्ट' और 'कंसल्टेंट' भी बन गए हैं।
🟡 विवाद बढ़ता जा रहा है, सवाल वही - मुद्दा कुत्ता या राजनीति?
पूरे मामले में एक छोटा-सा पिल्ला बड़े राजनीतिक युद्ध का कारण बन गया है। जहां कांग्रेस इसे मानवीय पहल बता रही है, वहीं बीजेपी इसे लोकतांत्रिक संस्थानों का अपमान मान रही है। मुद्दा इतना है कि रेणुका चौधरी कुछ मिनट के लिए एक पिल्ले को कार में लेकर संसद पहुंचीं, लेकिन विवाद यह बन गया कि संसद की गरिमा किसने बचाई और किसने ठेस पहुंचाई। शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन दोनों दलों की तीखी टिप्पणियों ने संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में राजनीतिक तापमान और बढ़ने वाला है।












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