कश्मीर फाइल्स पर बैन की मांग करने वाले बदरुद्दीन अजमल से फिर हाथ मिला सकती है कांग्रेस, ये रही वजह

गुवाहाटी, 17 मार्च: इत्र कारोबारी और असम से सांसद बदरुद्दीन अजमल की पार्टी एआईयूडीएफ से कांग्रेस एकबार फिर से राज्यसभा चुनाव के लिए तालमेल को लेकर बातचीत कर रही है। 42 देशों में इत्र का कारोबार करने वाले अजमल ने कश्मीरी पंडितों के साथ हुई ज्यादातरी पर बनी फिल्म 'कश्मीर फाइल्स' को बैन करने की मांग की है। उधर असम से कांग्रेस की राज्यसभा की दो सीटें खाली हो रही हैं, लेकिन बिना अजमल की पार्टी के समर्थन के उसके उम्मीदवार का राज्यसभा पहुंचना नाममुकिन है। इसलिए दोनों दलों में इसको लेकर मंथन चल रहा है और बहुत ही जल्द अजमल और कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के बीच इसको लेकर बैठक हो सकती है।

राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस-एआईयूडीएफ में मंथन

राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस-एआईयूडीएफ में मंथन

पिछले साल असम में सरकार में आने का सपना चकनाचूर होने के बाद कांग्रेस और बदरुद्दीन अजमल के ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रैटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) का गठबंधन टूट गया था। लेकिन, राज्यसभा की एक अदद सीट के लिए दोनों दलों के बीच फिर से गलबहिंयां शुरू हो चुकी हैं। राज्यसभा के लिए 31 मार्च को मतदान होना है। असम की दो राज्यसभा सीट खाली हो रही है, जो अभी कांग्रेस के रिपुन बोरा और रानी नाराह के पास हैं और ये सीटें 2 अप्रैल को खाली हो रही हैं। इन दोनों सीटों पर कब्जे के लिए सत्ताधारी भाजपा पूरी ताकत लगा रही है, इसलिए फिर से विपक्षी खेमे में भी गोलबंदी शुरू है। असम में राज्यसभा की सात सीटें हैं। इनमें से तीन अभी बीजेपी नेता सर्बानंद सोनोवाल, भुवनेश्वर कालिता और कामख्या प्रसाद तासा के पास हैं। बाकी एक बीजेपी की सहयोगी असम गण परिषद (बीरेंद्र प्रसाद बैश्य) और एक आंचलिक गण मोर्चा (अजीत कुमार भुइयां) के पास है।

दोनों दलों के बीच शुरू हो चुकी है बातचीत

दोनों दलों के बीच शुरू हो चुकी है बातचीत

पिछले हफ्ते दिल्ली में अजमल की पार्टी और कांग्रेस नेताओं के बीच किसी तरह से दोनों में से एक सीट पर कब्जे की संभावना को लेकर चर्चा हुई थी। जानकारी के मुताबिक अजमल की इच्छा पर ही इस चर्चा से कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व को दूर रखा गया था, क्योंकि वो कोई अंतिम फैसला लेने की स्थिति में नहीं हैं। एआईयूडीएफ के महासचिव हैदर हुसैन बोरा ने कहा, 'अभी तक इसपर कोई आधिकारिक डील नहीं हुई है, लेकिन दोनों ओर से चर्चा की गई थी कि एआईयूडीएफ अभी कांग्रेस के लिए एक सीट छोड़ दे और उसके उम्मीदवार का समर्थन करे और भविष्य में जब दूसरी सीट खाली होगी तो वो हमारे उम्मीदवार का भी ऐसे ही समर्थन करेंगे।'

2021 के चुनाव के बाद टूट गया था गठबंधन

2021 के चुनाव के बाद टूट गया था गठबंधन

एआईयूडीएफ ने कहा है कि 'इस समझौते पर अंतिम फैसला हमारे अध्यक्ष बदरुद्दीन अजमल और कांग्रेस चीफ सोनिया गांधी के बीच बैठक के बाद लिया जाएगा। दोनों नेता अभी व्यस्त हैं, इसलिए उनकी मुलाकात नहीं हो पाई है। लेकिन, हमें लगता है कि अगले कुछ दिनों में दोनों की मुलाकात हो जाएगी।' 2021 के असम विधानसभा चुनाव में बीजेपी को सत्ता से बेदखल करने के लिए कांग्रेस और एआईयूडीएफ 10 पार्टियों वाले विपक्षी गठबंधन में शामिल थे। 126 सीटों वाली असम विधानसभा के चुनाव में गठबंधन सिर्फ 50 सीटें जीत सका था और बीजेपी गठबंधन ने 75 सीटें जीतकर कुर्सी अपने पास बरकार रखा था। कांग्रेस को सिर्फ 29,अजमल की पार्टी को 16, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट को 4 और सीपीएम को 1 सीट मिली थी। इसके बाद कांग्रेस-अजमल गठबंधन टूट गया था।

गठबंधन नहीं होने पर कांग्रेस को एक भी सीट मिलनी मुश्किल

गठबंधन नहीं होने पर कांग्रेस को एक भी सीट मिलनी मुश्किल

असम में राज्यसभा की एक सीट के लिए विधायकों के कम से कम 43 वोट चाहिए। कांग्रेस और विपक्षी पार्टियां मिलकर 43 सीटों का ही जुगाड़ कर सकती हैं। जबकि बीजेपी गठबंधन के पास 82 वोट हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने कहा है, 'हमारे उम्मीदवार का नाम अब किसी दिन भी तय हो जाएगा और 21 मार्च तक नामांकन कर दिया जाएगा। इस चुनाव के लिए हमने एआईयूडीएफ से मदद मांगी है ताकि बीजेपी और उसके सहयोगियों के खिलाफ सख्त चुनौती पेश करें और एक सीट उनसे छीन लें।' उन्होंने कहा कि 'दिल्ली में हमारे नेताओं और एआईयूडीएफ के बीच क्या चर्चा हुई उसके बारे मैं कुछ कहने की स्थिति में नहीं हूं, क्योंकि मैं उसका हिस्सा नहीं था। लेकिन, क्योंकि हम सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी हैं, हम उम्मीदवार उतारेंगे और एआईयूडीएफ से उसे वोट देने का आग्रह करेंगे।'

कांग्रेस ने एक सीट के लिए भेजे हैं 5 नाम

कांग्रेस ने एक सीट के लिए भेजे हैं 5 नाम

बहरहाल असम कांग्रेस ने रिपुन बोरा और रानी नाराह के अलावा तीन और संभावित उम्मीदवारों के नाम आला कमान को भेजे हैं, जिनमें बोबीता शर्मा, डिविजेन सरमा और अरुण दत्त मजूमदार शामिल हैं। वैसे बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भबेश कालिता ने गुरुवार को कहा है कि '21 मार्च को दोनों सीटों के लिए हमारे उम्मीदवार नामंकन करेंगे। हमें विश्वास है कि हम दोनों सीट जीत लेंगे।' बीजेपी अगले हफ्ते उम्मीदवार की घोषणा करेगी। माना जा रहा है कि पार्टी एक सीट अपनी सहयोगी यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल के लिए छोड़ सकती है। (तस्वीरें-फाइल)

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+