तेलंगाना में भी गरमाया डुप्लीकेट वोटर्स का मामला, कांग्रेस नेता पहुंचे सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली। तेलंगाना में विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हैं। वहीं, चुनाव से पहले गड़बड़ियों का हवाला देते हुए एक पूर्व कांग्रेस विधायक ने सुप्रीम कोर्ट कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि भारत के लोगों की औसत उम्र 68.3 साल है जबकि तेलंगाना के 21 हजार से अधिक वोटर की उम्र 100 और 2017 साल के बीच है। विधानसभा भंग किए जाने के बाद तेलंगाना में इस साल चुनाव होने की संभावना है।

वहीं, चुनाव की तैयारियों को देखते हुए फोटो पहचान पत्र दुरुस्त करने का काम शुरू हो चुका है। हालांकि ये काम मई से ही चल रहा है लेकिन इसी साल चुनाव की संभावनाओं को देखते हुए इसमें तेजी आ गई है। 1 जनवरी 2019 से पहले 18 साल पूरे करने वालों को वोट करने का अधिकारी माना गया था, लेकिन चुनाव आयोग ने इसमें संशोधन करते हुए 18 साल पूरे होने की बाध्यता की अंतिम तारीख 1 जनवरी, 2018 तय कर दी है। जिसको लेकर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है।
वहीं, पूर्व कांग्रेस विधायक शशिधर रेड्डी ने कहा कि उनके द्वारा उठाए गए मामले पर चुनाव आयोग चुप है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका देते हुए अपील की है कि कोर्ट 8 सितंबर को चुनाव आयोग द्वारा किए गए संशोधन का संज्ञान ले। तेलंगाना के 2.61 करोड़ पहचान पत्र में से लगभग 48 लाख को लेकर रेड्डी ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि राज्य में तीस लाख से अधिक डुप्लीकेट वोटर्स हैं।
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