मंदसौर पहुंचने से पहले ही ज्योतिरादित्य सिंधिया गिरफ्तार, किसानों के दर्द पर गर्म है सियासी बाजार
कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया 14 जून से 72 घंटे के सत्याग्रह पर बैठने वाले हैं।
नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के मंदसौर में हुई हिंसा के बाद वहां के हालात अभी तक सामान्य नहीं हुए है, तो उधर मंदसौर पर जारी सियासत भी खत्म नहीं हो रही है। मंगलवार को कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया मंदसौर हिंसा में मारे गए किसानों के परिजनों से मिलने पहुंचे थे लेकिन प्रशासन ने उन्हें मंदसौर पहुंचने से पहले ही रोक लिया। इसके बाद भी ज्योतिरादित्य सिंधिया किसानों के परिजनों से मिलने पर अड़े रहे तब प्रशासन ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

किसान आंदोलन को लेकर कांग्रेस बीजेपी सरकार पर हमले का कोई भी मौका नहीं छोड़ रही है। इसी के मद्देनजर पार्टी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंदसौर जाकर मृतक किसानों के परिवार से मिलने का फैसला लिया था। इस दौरान मंदसौर जाने से पहले ही सिंधिया को रोक लिया गया। प्रशासन ने इलाके में धारा 144 का हवाला देते हुए कांग्रेस नेता को रोका था। जिसके बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया किसानों के परिजनों से अकेले मिलने जाना चाहते थे। फिर भी उन्हें जाने नहीं दिया गया।
मध्यप्रदेश के किसानों के मुद्दे पर सियासत का बाजार गर्म है। मध्य प्रदेश सरकार ने कहा है कि कांग्रेस को किसानों को लेकर सियासत बंद करनी चाहिए।
आपको बता दें कि बीते दिनों में राज्य में किसानों ने आंदोलन किया था। इस आंदोलन के दौरान पुलिस फायरिंग में पांच किसानों की मौत हो गई थी। किसानों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया 14 जून से 72 घंटे के सत्याग्रह पर बैठने वाले हैं। किसान आंदोलन के दौरान हुई गोलीबारी के बाद मध्यप्रदेश सरकार के खिलाफ कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मोर्चा खोल रखा है। उन्होंने इंदौर के MY अस्पताल में घायलों से मुलाकात की थी। सिंधिया ने इसके बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पुलिस ने किसानों को एक-एक करके निशाना बनाया, उनसे बुरा सलूक किया।












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