कांग्रेस नेता अहमद पटेल व उनके परिवार पर मनी लॉड्रिंग का आरोप
नई दिल्ली। कांग्रेस के दिग्गज नेता अहमद पटेल, उनके बेटे फैसल पटेल और दामाद इरफान सिद्दीकी ईडी की जांच के घेरे में आ गए हैं। इन तीनों के नामों को कॉर्पोरेट एग्जेक्युटिव ने मनी लॉड्रिंग के आरोप में ईडी के साथ पूछताछ के दौरान लिया है। ईडी ने संदेसरा ग्रुप के कर्मचारी सुनील यादव से पूछताछ की थी और इस दौरान उसने लिखित बयान में यह आरोप लगाया है कि बड़ी राशि को संदेसरा ग्रुप ने सिद्दीकी को दी थी। यह राशि संदेसरा ग्रुप के चेतन संदेसरा और उनके सहयोगी गगन धवन ने दी थी।

यादव ने ईडी को बताया कि उसने यह पैसा फैसल पटेल को दिया था, यह पैसा चेतन संदेसरा की ओर से दिया गया था। अपने बयान में यादव ने कहा है कि चेतन अक्सर अहमद पटेल के घर जाते थे और उनके घर को ही संदेसरा का हेडक्वार्टर बताया जाता था। वहीं सिद्दीकी के घर को जे2 और फैसल पटले के घर को जे1 के नाम से संदेसरा में संबोधित किया जाता था। आपको बता दें कि यादव के बयान को मनी लॉड्रिंग एक्ट के सेक्शन 50 के तहत दर्ज किया गया है, इसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत दर्ज किया गया है और इसे कोर्ट में भी पेश किया जा सकता है।
वहीं इस पूरे खुलासे पर अहमद पटेल ने चुप्पी साध रखी है, जबकि उनके एक करीबी ने बताया कि यह राजनीतिक साजिश है, अहमद पटेल और उनके परिवार को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। वहीं ईडी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। वहीं चेतन संदेसरा ईडी के समन के बाद भी अभी तक उसके सामने पेश नहीं हुए हैं, जबकि गगन धवन को गिरफ्तार कर लिया गया है। यादव ने ईडी को बताया कि संदेसरा और धवन वह 15-25 लाख रुपए ले जाया जाता था। उसने बताया कि वह चार-पांच बार सिद्दीकी के निवास पर गया था, दिल्ली के वसंत विहार में संदेसरा ने संपत्ति को खरीदा था जिसपर सिद्दीकी का कब्जा है, मुझे नहीं पता है कि इसका कोई किराया दिया जा रहा है या नहीं।
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