'बेहद चिंताजनक', चुनाव की घोषणा से ठीक पहले चुनाव आयुक्त के इस्तीफे पर कांग्रेस ने केंद्र को घेरा
Election Commissioner Resignation: लोकसभा चुनाव से पहले चुनाव आयुक्त अरूण गोयल के आश्चर्यजनक इस्तीफे पर विपक्ष दल की प्रतिक्रिया सामने आई है। कांग्रेस ने चुनाव आयुक्त के इस्तीफे पर चिंता जताते हुए केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। चुनाव आयुक्त पद से अरुण गोयल का इस्तीफा शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया।
इसके बाद कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा, "यह काफी चौंकाने वाला है। चुनाव की घोषणा से ठीक पहले चुनाव आयुक्त ने इस्तीफा दे दिया है। इस चुनाव आयोग में क्या हो रहा है? मुझे लगता है कि भारत सरकार स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव नहीं चाहती। यह देश के लिए चौंकाने वाली खबर है।"

दरअसल, कानून मंत्रालय ने एक गजट अधिसूचना में कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को गोयल का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। गोयल के इस्तीफे के साथ चुनाव आयोग का नेतृत्व अब केवल मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार करेंगे और कोई चुनाव आयुक्त नहीं होंगे।
इसके बाद कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा चुनाव के ठीक पहले गोयल के इस्तीफे को बेहद चिंताजनक बताया। केसी वेणुगोपाल ने ट्वीट करते हुए कहा- "दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के स्वास्थ्य के लिए यह बेहद चिंताजनक है कि चुनाव आयुक्त श्री अरुण गोयल ने लोकसभा चुनाव के ठीक पहले इस्तीफा दे दिया है।"
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था कैसे काम कर रही है, इसमें बिल्कुल भी पारदर्शिता नहीं है।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने आगे कहा कि, "2019 के चुनावों के दौरान, अशोक लवासा ने आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के लिए पीएम को क्लीन चिट देने के खिलाफ असहमति जताई थी। बाद में, उन्हें लगातार पूछताछ का सामना करना पड़ा। यह रवैया दर्शाता है कि शासन लोकतांत्रिक परंपराओं को नष्ट करने पर तुला हुआ है। इसे स्पष्ट किया जाना चाहिए, और ईसीआई को हर समय पूरी तरह से गैर-पक्षपातपूर्ण होना चाहिए।"
3 साल के कार्यकाल से पहले दिया इस्तीफा
आपको बता दें कि चुनाव आयुक्त के पद से अरुण गोयल ने अपना इस्तीफा दे दिया है। हालांकि अभी उनका 3 साल का कार्यकाल बाकी थी। उनका कार्यकाल 2027 तक था।












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