'कांग्रेस एक परिवार से चलने वाली पार्टी है': थरूर ने क्यों दोहराई पीएम मोदी की बात, बताया गठबंधन का चेहरा कौन?
केरल के तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अपनी पार्टी को एक परिवार से चलने वाली पार्टी कहा है। गौरतलब है कि कुछ ही दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ऐसी ही टिप्पणी की थी।
थरूर पिछले साल मल्लिकार्जुन खड़गे के मुकाबले कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव हार गए थे। बाद में खड़गे ने माना कि वे सोनिया गांधी और राहुल गांधी की वजह से ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं। अब थरूर ने बताया है कि क्योंकि 'कांग्रेस एक परिवार से चलने वाली पार्टी' है, इसलिए विपक्षी गठबंधन से कांग्रेस की ओर से पीएम का चेहरा कौन हो सकता है।

कांग्रेस एक परिवार से चलने वाली पार्टी है- शशि थरूर
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अपने चुनाव क्षेत्र में एक कार्यक्रम के मौके पर थरूर ने रिपोर्टरों से कहा, 'सोचते हैं कि एक बार नतीजे आ जाएंगे तो क्योंकि ये एक गठबंधन है, कोई एक पार्टी नहीं है, तो उन पार्टियों के नेताओं को एकजुट होकर किसी को चुनना पड़ेगा.....लेकिन मेरा अनुमान है कि कांग्रेस पार्टी से या तो खड़गे होंगे, जो भारत के पहले दलित प्रधानमंत्री होंगे, या फिर राहुल गांधी, क्योंकि कई मायनों में ये (कांग्रेस) एक परिवार से चलने वाली पार्टी है....।'
थरूर ने अपने लिए भी जताया ये अनुमान
वहीं न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक उन्होंने इसके साथ ही अपने लिए भी एक अनुमान जता दिया। वे बोले, '.....संसदीय प्रणाली की खूबी ये है कि प्रधानमंत्री अपने समकक्षों में पहले होते हैं और अन्य मंत्रियों पर भी अपने काम के प्रति बड़ी जिम्मेदारी होती है, इसलिए मुझे जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, मुझे भरोसा है कि मैं काम कर सकूंगा....'
उम्मीदवारी तय करते समय सिर्फ योग्यता मायने नहीं रखती- कांग्रेस सांसद
वहीं कांग्रेस सांसद ने यह भी बताया है कि चुनावों के दौरान उम्मीदवार तय करते समय सिर्फ योग्यताएं ही नहीं देखी जाती हैं। उनके मुताबिक, 'हमारी व्यवस्था, अमेरिकी व्यवस्था से काफी अलग है। संसदीय प्रणाली का मतलब है कि पार्टी तय करती है कि इन हालातों में किसे आगे बढ़ाना है। यहां तक कि अमेरिका के विपरीत टिकट किसे देना है ये भी पार्टी तय करती है, जबकि वहां मतदाता प्राथमिक प्रणाली के माध्यम से निर्णय लेता है।'
परिवारवादी राजनीति के सवाल पर क्या बोले राहुल गांधी?
थरूर ने कहा कि, 'भारत में ओबामा-टाइप करियर बनाना संभव नहीं है। हमारा एक विशाल देश है....हमारे यहां 543 संसदीय सीटें हैं और किसी एक व्यक्ति की निजी योग्यता मायने नहीं रखती.... ' गौरतलब है कि मंगलवार को मिजोरम की राजधानी आइजोल में जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी से परिवारवादी राजनीति को लेकर सवाल किया गया,तो उन्होंने अपने बारे में सीधा जवाब देने की जगह भाजपा नेताओं की ओर सवाल घुमाने की कोशिश की।
राहुल ने इस सवाल के जवाब में कहा, 'आखिर अमित शाह के बेटे क्या कर रहे हैं? राजनाथ सिंह के बेटे क्या करते हैं? आखिरी बार मैंने सुना कि अमित शाह का बेटा भारतीय क्रिकेट चला रहा है। उनके (बीजेपी) अनुराग ठाकुर जैसे कई बच्चे वंशवादी हैं....'
पीएम मोदी ने क्या कहा था, जो बात थरूर ने कांग्रेस के लिए दोहराई?
इसी महीने 1 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना की एक सभा में 'दो परिवारों से चलने वाली' पार्टी को लेकर बीआरएस और कांग्रेस दोनों पर निशाना साधा था।
पीएम मोदी ने कहा था, 'दोनों पार्टियों का फॉर्मूला एक ही है। यह परिवार की ओर से, परिवार के द्वारा और परिवार के लिए पार्टी है.....ये लोग लोकतंत्र को परिवार का राजवंश बना रहे हैं। इनकी पार्टी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरह चलाई जाती है। प्रेसिडेंट, सीईओ, डायरेक्टर, ट्रेजरर, जनरल मैनेजर, चीफ मैनेजर और मैनेजर सभी एक ही परिवार का होता है। '












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