'पीके पर सोनिया की जान खतरे में डालने का आरोप'
लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में रोड शो के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की तबियत खराब होने के बाद कांग्रेसी वरिष्ठ नेताओं द्वारा आरोप रणनीतिकार प्रशांत किशोर के सिर मढ़े जा रहे हैं। सोनिया की तबियत बेहतर होने के साथ ही इस बात को दोहराया जा रहा है कि पहले ही बताया गया था कि सोनिया गांधी इतना बड़ा रोड शो नहीं कर सकतीं। बावजूद इसके प्रशांत किशोर अपनी बात पर डटे रहे।
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बीमार कांग्रेस के अलग अलग मत
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि ऐसा करके प्रशांत ने सोनिया की जान को खतरे में डाल दिया था। हालांकि, कांग्रेस के सभी नेता इस बात को भी मानते हैं कि रोड तो सफल रहा है और इसका रिजल्ट भी अच्छी ही देखने को मिलेगा। ये भी माना जा रहा है कि सोनिया के बीमार होने से पार्टी को लोगों की सहानुभूति भी मिलेगी। लेकिन इतने लंबे रोड शो को वो प्रशांत किशोर की एक बड़ी गलती के रूप में देख रहे हैं।
लोगों के जहन में सवाल
अपने अस्तित्व को बचाने में जुटी कांग्रेस आगामी चुनाव के मद्देनजर कोई भी कमजोर खेमा नहीं रहने देना चाहती। हालांकि पार्टी में बीमार, बीमार और बीमार का विकल्प लोगों की नजरों में कांग्रेस को कहीं न कहीं कमजोर साबित कर रहा है। दरअसल बीते दिनों जब उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की मुख्यमंत्री की उम्मीदवार रोड शो के लिए निकलीं तो वे दिल्ली की सीमा पार करने से पहले ही बीमार पड़ गईं जिसके बाद उन्हें तुरंत बस से उतारा गया। जबकि रोड शो में शामिल कई वरिष्ठ नेताओं ने यात्रा में तबियत बिगड़ने का हवाला दिया। इसके बाद काशी में सोनिया गांधी की तबियत खराब होना लोगों के जहन में सवाल बनकर उभर रहा है।
सोशल मीडिया पर ली जा रही चुटकी
पार्टी के दो बड़े चेहरों के पहले ही चुनावी कार्यक्रम में इस तरह बीमार हो जाने से सोशल मीडिया पर लोग चुटकी भी ले रहे हैं। जबकि एक ओर यह भी कहा जा रहा है कि पीके ने कुछ गलत तो नहीं किया क्योंकि बेहतर से बेहतर रणनीति बनाने की जिम्मेवारी उनके पास है, गर नहीं बनाएंगे तो भी यही वरिष्ठ नेता उन्हें ही कसूरवार ठहराएंगे। हां जिन लोगों में राजनीति के कड़े दांव पेंचों से गुजर पाने की क्षमता अब नहीं रह गई है वे सन्यास ले लें।












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