स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा में कौन सी है ज्यादा ऊंची? जानें दोनों की खासियत
Dr. Ambedkar Statue: तेलंगाना में डॉ. अंबेडकर की सबसे ऊंची प्रतिमा बनी है। उसे प्रसिद्ध मूर्तिकार राम वनजी सुतार ने बनाया है। उन्होंने ही स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को डिजाइन किया था।

बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की सबसे ऊंची प्रतिमा तेलंगाना में बनकर तैयार है, जिसका आज अनावरण होगा। इससे पहले गुजरात में सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा ने कई सारे रिकॉर्ड तोड़े थे। आइए जानते हैं दोनों प्रतिमाओं की खासियत-
क्या है दोनों की ऊंचाई?
हैदराबाद के हुसैनसागर झील में बनी अंबेडरकर की प्रतिमा 125 फीट ऊंची है। इसके नीचे संसद भवन जैसा दिखने वाला 50 फुट ऊंचा गोलाकार आधार भी है। ऐसे में इसकी कुल ऊंचाई 175 फीट है, जबकि सरदार पटेल की Statue of Unity की ऊंचाई 182 मीटर (करीब 600 फीट) है।
कितना है मूर्ति का वजन?
डॉ. अंबेडकर की मूर्ति का वजन 474 टन है, जबकि 360 टन स्टेनलेस स्टील का उपयोग मूर्ति के आर्मेचर संरचना के निर्माण में किया गया। इसकी ढलाई में भी 114 टन कांस्य का प्रयोग हुआ। बात करें स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की तो उसमें 5700 मीट्रिक टन स्ट्रक्चरल स्टील का उपयोग हुआ है। इसके अलावा 18500 मीट्रिक टन रिइनफोर्समेंट बार्स भी इसको बनाने में लगा।
किसने बनाई मूर्ति?
डॉ. अंबेडकर की मूर्ति को प्रसिद्ध मूर्तिकार राम वनजी सुतार और उनके बेटे अनिल कुमार सुतार ने बनाया। उन्होंने ही स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को डिजाइन किया था।
कितनी आई लागत?
तेलंगाना सरकार ने अंबेडकर की मूर्ति पर 146 करोड़ रुपये के आसपास खर्च किए, जबकि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को बनाने में 2989 करोड़ रुपये से ज्यादा लगे थे।
दोनों का कैसे होगा दीदार?
अगर आपको डॉ. अंबेडकर की सबसे ऊंची प्रतिमा देखनी है, तो आपको हैदराबाद जाना होगा। वहां पर हुसैनसागर झील के पास इसे बनाया गया है। वहीं स्टैच्यू ऑफ यूनिटी गुजरात के केवडिया में है। ये जगह वडोदरा शहर से 100 किमी दूर है। इस स्टैच्यू के पास ही सरदार सरोवर बांध है।
अंदर क्या है?
इस प्रतिमा के नीचे 100 सीटर सभागार है, जिसमें अम्बेडकर के जीवन के ऑडियो-विजुअल प्रस्तुत किया जाएगा। इसी तरह स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के नीचे भी बड़ा हाल है, जिसमें सरदार पटेल और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी चीजें हैं।












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