एसी-फ्रिज, टीवी समेत इन उपकरणों को ठीक करने से बहाना नहीं बना सकती कंपनी, जानें क्या है Right to Repair Portal
Right to Repair Portal: उपभोक्ता मंत्रालय ने राइट टु रिपेयर पोर्टल बनाकर ग्राहकों को बड़ी राहत दी है। इस पोर्टल के तहत लोग आसानी से अपने उपकरण को ठीक करा सकते हैं। साथ ही कंपनी अब रिपेयर करने से बहाना नहीं बना सकती है।

Right to Repair Portal: मई के शुरू होते ही भीषण गर्मी पड़ने लगी है। गर्मी से बचने के लिए लोग कई बिजली उपकरण का इस्तेमाल करते हैं। एसी, फ्रीज, कूलर और पंखा सब का इस्तेमाल करते हैं। वहीं दूसरी तरफ लोग मोबाइल, टीवी समेत कई इलेक्ट्रॉनिक सामान इस्तेमाल करते हैं। लेकिन जब ये उपकरण खराब हो जाते हैं तो इसे ठीक कराने के लिए लोग कंपनी के पास जाते हैं, अगर यह वारंटी के तहत आता है।
बहाना नहीं बना सकती कंपनी
लेकिन आमतौर पर कंपनी ठीक करने के बजाय बहाना करने लग जाती है। या फिर ये कहकर पाला झाड़ लेती है कि इसके पार्ट्स बदलने पड़ेंगे। फिर ये कहने लग जाती है कि कंपनी इसके पार्ट्स बनाने बंद कर दी है। ऐसी स्थिति में उपभोक्ता के लिए बड़ी दिक्कत हो जाती है कि वह क्या करें। लोग अक्सर दूसरे पार्ट्स बदल देते हैं या फिर नया प्रोडक्ट खरीद लेते हैं।
क्या है राइट टु रिपेयर पोर्टल
लेकिन अब आपको ये सब करने की जरूरत नहीं है। ग्राहकों को ऐसी स्थिति से बचाने के लिए भारत सरकार ने राइट टु रिपेयर (Right to Repair Portal) पोर्टल बनाया है। इस पोर्टल की मदद से आप अपने प्रोडक्ट को रिपेयर करा सकते हैं। इस पोर्टल पर आपको पूरी जानकारी मिलेगी, जिससे कोई भी कंपनी प्रोडक्ट को रिपेयर करने से बहाना नहीं बना सकती है।
अतिरिक्त पैसे नहीं ले सकती कंपनी
मिनिस्ट्री ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स ने राइट टू रिपेयर पोर्टल बनाया है। इस पोर्टल पर ग्राहकों को रिपेयर संबंधी सारी जानकारी मिलेगी। इस पोर्टल पर आप मोबाइल, बाइक, वॉशिंग मशीन समेत कई उपकरण के पुराने पार्ट के बारे में जानकारी पता कर सकते हैं। अब कंपनी वाले बहाना बनाकर ग्राहकों को ठग नहीं सकते हैं। खास बात यह है कि कंपनी ग्राहकों से अतिरिक्त पैसे भी वसूल नहीं पाएगी।
ई-कचरा भी होगा कम
वहीं, दूसरी तरफ सरकार ई-कचरे को कम करने के लिए भी इस पोर्टल को लॉन्च किया है। अक्सर लोग पार्ट्स में पैसे लगाने के बजाय नए प्रोडक्ट खरीद लेते हैं। साथ ही कंपनी भी रिपेयर करने से बहाना बनाने लगती है। इससे खराब उपकरण ठीक नहीं कराते हैं और ई-कचरा के रूप में जमा हो जाता है। इसके लिए सरकार ने राइट टू रिपेयर पोर्टल बनाया है।
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इन उपकरणों पर ज्यादा फोकस
उपभोक्ताओं को नए प्रोडक्ट खरीदने के बजाय कम लागत पर अपने उत्पादों की मरम्मत करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। सबसे ज्यादा फोकस कृषि उपकरण, मोबाइल, टैबलेट और ऑटोमोबाइल है। ये उपकरण लोगों के सबसे अधिक काम आते हैं। इसलिए सरकार ने इस उपकरण पर सबसे ज्यादा फोकस किया है।
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