कोरोना वैक्सीन की प्रीकॉशन डोज लेने के लिए बुजुर्गों को देना होगा कोमोरबिडिटी सर्टिफिकेट
नई दिल्ली, 26 दिसंबर: ओमिक्रॉन के बढ़ते केस के बीच शनिवार रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने तीन अहम घोषणाएं कीं। पीएम के मुताबिक 60 साल से ज्यादा उम्र के लोग, जिन्हें कोमोरबिडिटी है वो कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज ले सकते हैं। अब इसके लिए नियम जारी कर दिए गए हैं, जिसके बारे में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के सीईओ डॉ. आरएस शर्मा ने विस्तार से जानकारी दी।

न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए आरएस शर्मा ने कहा कि जिन लोगों की उम्र 60 साल के ऊपर है और वो किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, तो वो कोविड वैक्सीन की प्रीकॉशन डोज ले सकते है। इसके लिए उनको एक चिकित्सा प्रमाण पत्र लेना होगा, जबकि बाकी की प्रक्रिया पहले की ही तरह होगी। इससे संबंधित सारी जानकारी CoWIN एप्लिकेशन पर अपलोड कर दी गई है।
डॉ. शर्मा ने कहा कि जिन बुजुर्गों को पहली दो खुराक मिल गई है, वो कोमोरबिडिटी सर्टिफिकेट के साथ जाकर तीसरी खुराक ले सकते हैं। बस इस बात का ध्यान रहे कि उनका मेडिकल सर्टिफिकेट किसी पंजीकृत चिकित्सक द्वारा जारी किया गया हो। साथ ही उस पर उनके साफ हस्ताक्षर होने चाहिए। इसकी हार्ड कॉपी को लाभार्थी टीकाकरण केंद्र तक ले जा सकते हैं। वहीं किन मरीजों को कोमोरबिडिटी की श्रेणी में रखा जाए, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार ने 45 से 60 आयु वर्ग के लिए कोमोरबिडिटी के निर्देश बहुत पहले जारी किए थे, वही फॉर्मूला इस पर भी लागू होगा।
15-18 आयु वर्ग को भी वैक्सीन
पीएम की घोषणा के मुताबिक 15 से 18 आयु वर्ग के बच्चों को 3 जनवरी, 2022 से कोविड का टीका दिया जाएगा। इसका मकसद स्कूल जाने वाले बच्चों को कोरोना से बचाना है। इसके अलावा हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन की बूस्टर डोज दी जाएगी, जिसकी शुरुआत 10 जनवरी 2022 से होगी।












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