दो बच्चों की मां हैं Colonel Sofiya Qureshi, जानिए क्या करते हैं पति?
Sofiya Qureshi Husband: ऑप्रेशन सिंदूर की कहानी सिलसिलेवार ढंग से दुनिया को बताने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी (Colonel Sofiya Qureshi) का नाम देश के बच्चे-बच्चे की जुबान पर है। देश की इस बहादुर बेटी पर पूरे भारत को गर्व है। आपको बता दें कि कर्नल सोफिया के पिता सूबेदार मोहम्मद ताज कुरैशी भी फौज में थे तो वहीं उनके दादा और चाचा भी देश के लिए अपनी सेवा दे चुके हैं।
मतलब कहने का सोफिया का पूरा खानदान आर्मी से जुड़ा हुआ है इसी वजह सोफिया को देशभक्ति खून में मिली है। सोफिया के माता-पिता और भाई इस वक्त गुजरात में रह रहे हैं लेकिन उनकी ससुराल कर्नाटक में है।

'ताजुद्दीन बागेवाड़ी भी आर्मी में कर्नल हैं' Sofiya Qureshi)
सोफिया कुरैशी की शादी कर्नाटक के कोन्नूर गांव के रहने वाले मोहम्मद गौस साब बागेवाड़ी के बेटे ताजुद्दीन बागेवाड़ी से हुई है। दोनों की शादी साल 2005 में हुई है। ताजुद्दीन बागेवाड़ी भी इंडियन आर्मी में कर्नल हैं और वो इस वक्त झांसी में कार्यरत हैं। मालूम हो कि सोफिया और ताजुद्दीन बागेवाड़ी को शादी से एक बेटा और एक बेटी हैं, बेटे का नाम समीर कुरैशी और बेटी का नाम हनीमा कुरैशी है। बेटा समीर भी अपने मां-पापा की तरह ही सेना में जाना चाहता है।
कानपुर मे सोफिया के मामा का परिवार रहता है (Sofiya Qureshi)
यही नहीं यूपी के कानपुर मे सोफिया के मामा का परिवार रहता है। घाटमपुर के लहरीमऊ गांव में रहने वाली उनकी मामी का नाम आयशा बेगम है, जिनके दो बेटे हैं। सोफिया को जब उन्होंने टीवी पर पाकिस्तान के एयर स्ट्राइक के बारे में बताते हुए देखा तो उनकी आंखें भर आईं।
उन्होंने कहा कि 'आज सोफिया ने पूरे खानदान का नाम रौशन कर दिया, पूरे भारत को उसपर नाज है। उन्होंने कहा कि सोफिया बचपन से ही काफी अलग और होशियार थीं, हमेशा कहा करती थी कि वो देश की सेवा करेगी, आज उसे देखकर काफी खुशी हो रही है।'
सोफिया कुरैशी की शिक्षा पर एक नजर (Sofiya Qureshi)
- मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, महू (1999)
- रक्षा और सामरिक अध्ययन में मास्टर (2005-06)
- रणनीतिक साइबर सुरक्षा- राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज, नई दिल्ली
- NATO Cyber Defence Exercise, एस्टोनिया
सोफिया कुरैशी का सैन्य करियर (Sofiya Qureshi)
- 1994 में भारतीय सेना की सिग्नल कोर में कमीशन प्राप्त हुआ।
- पूर्वोत्तर भारत में काउंटर-इंसर्जेंसी ऑपरेशनों में सेवा दी।
- सेना के पहले मोबाइल डिजिटल संचार नेटवर्क के विकास में योगदान।
- कांगो में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में भारतीय दल का नेतृत्व।
- 'Force 18' नामक बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में भारतीय दल का नेतृत्व करने वाली पहली महिला अधिकारी।
- 'ऑपरेशन सिंदूर' की ब्रीफिंग का काम संभाला।












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